मजाक-मस्ती अब 24 घंटे नहीं, ईशान किशन का बदला अंदाज
मैच के बाद किशन ने स्वीकार किया कि करियर के उतार-चढ़ाव और सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट खोने के बाद उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को बदला है। उन्होंने कहा कि पहले वह हर समय मजाक-मस्ती में लगे रहते थे, लेकिन अब उनका पूरा ध्यान अपनी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग पर है। उन्होंने हल्के अंदाज में यह भी जोड़ा कि गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में उन्होंने अनुशासन की अहमियत को और बेहतर तरीके से समझा है।
पावरप्ले में तांडव और बल्लेबाजी की नई रणनीति
अभिषेक शर्मा की अनुपस्थिति में किशन ने भारत को टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर (86/1) दिलाने में अहम भूमिका निभाई। अपनी बदली हुई बल्लेबाजी शैली पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि वह अब मैदान पर अधिक शांत रहने की कोशिश करते हैं। उनका मानना है कि 2-3 डॉट बॉल्स खेलने से दबाव में आने की जरूरत नहीं है, क्योंकि टीम में किसी भी समय बड़े हिट लगाने की क्षमता है। वह अब उत्तेजित होकर विकेट फेंकने के बजाय सही गेंदों का इंतजार करना पसंद करते हैं।
संजू सैमसन से आगे निकले किशन
अपने निरंतर और आक्रामक प्रदर्शन के दम पर ईशान किशन ने अब संजू सैमसन को पीछे छोड़ते हुए टीम में बतौर पहली पसंद विकेटकीपर-बल्लेबाज अपनी जगह मजबूत कर ली है। जेजे स्मिट के एक ओवर में 4 छक्के जड़कर उन्होंने साबित कर दिया कि वह अब न केवल आक्रामक हैं, बल्कि अपनी तकनीक और मानसिकता में भी काफी परिपक्व हो चुके हैं। पिछले दो सालों से संजू सैमसन को बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज तैयार किया जा रहा था, लेकिन ईशान किशन में अपनी मेहनत के दमपर हर किसी को पछाड़ दिया।













