प्रेस रिलीज में आगे लिखा गया है कि “बेशक ये कभी माफ ना किए जाने वाले जुर्म के गंभीर नतीजे क्रिमिनल अमेरिकी सरकार और कब्जा करने वाली जायोनी सरकार पर पड़ेंगे जो इसके नतीजों के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हैं।” बयान में आगे कहा गया है कि “ईरान गर्व करने वाला देश है, हमेशा की तरह, ताकत, हिम्मत और पक्के इरादे के साथ अपने अच्छे रास्ते पर चलता रहेगा। देश के चल रहे मामलों में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आने दी जाएगी। शहीदों का पवित्र खून ईरानी लोगों के अपनी आज़ादी, सम्मान और ऊंचे आदर्शों की रक्षा करने के इरादे को और मजबूत करेगा।”
भारत पर अमेरिकी हमले की निंदा के लिए दबाव बना रहा ईरान
प्रेस रिलीज में आगे कहा गया है कि “भारत में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का दूतावास, दुनिया भर की आजाद और आजादी चाहने वाली सरकारों से अपील करती है कि वे इस खुलेआम जुर्म की कड़ी निंदा करें और अराजकता और हमले के सामने चुप न रहें।” यानि ईरान चाहता है कि भारत सरकार अमेरिका और इजरायल के इस हमले की निंदा करे। इस हमले में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। वहीं यूनाइटेड नेशंस में ईरान के दूत ने पाकिस्तान को शुक्रिया कहा है जिसने इजरायली हमले की निंदा की है। ईरानी दूत ने यूएन में दिए बयान में भारत का नाम भी नहीं लिया है। जबकि पाकिस्तान ने अपने बयान में अमेरिका का नाम नहीं लिया है।
ईरान ने रविवार को UN सिक्योरिटी काउंसिल को बताया कि US-इजरायल के हमलों में सैकड़ों आम लोग मारे गए और घायल हुए हैं। वहीं ईरान ने कम से कम छह पड़ोसी देशों में जवाबी हमले किए हैं। जिसमें दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले भी शामिल हैं। ईरानी रेड क्रिसेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे देश में कम से कम 201 लोग मारे गए और 700 से ज्यादा घायल हुए हैं। रिपोर्ट किए गए हमलों में दक्षिणी ईरान का एक गर्ल्स स्कूल भी शामिल है, जहां कम से कम 85 लोगों के मारे जाने की आशंका है।
ईरान और अमेरिका में और खतरनाक युद्ध की आशंका
इजरायल ने कहा कि उसने रविवार को ईरान पर हमलों की एक और लहर शुरू की है। जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में अस्थिरता का खतरा है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को शहीद घोषित किया है और US-इजरायल मिलिट्री हमले में उनकी हत्या का बदला लेने की कसम खाई है। पेजेशकियन ने खामेनेई के 37 साल के लीडरशिप की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने समझदारी और हिम्मत से इस्लामिक क्रांति को लीड किया। पूरे देश में 40 दिन के शोक का ऐलान किया गया है। पेजेशकियन ने चेतावनी दी कि खामेनेई की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को अपने किए पर पछतावा होगा। उन्होंने कहा कि यह जुर्म इस्लामिक और शिया इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा।














