चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘चीन एक संप्रभु देश के खिलाफ अमेरिका की ओर से खुलेआम बल प्रयोग और उसके राष्ट्रपति के खिलाफ कार्रवाई से बहुत हैरान है और इसकी कड़ी निंदा करता है। अमेरिका के ऐसे दबंगई वाले काम अंतरराष्ट्रीय कानून और वेनेजुएला की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन करते हैं।’
यह क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा
चीनी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि अमेरिकी फौज का यह हमला लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए खतरा हैं। हम अमेरिका से अपील करते हैं कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का पालन करे और दूसरे देशों की संप्रभुता और सुरक्षा का उल्लंघन करना बंद करे।
रूस की ओर से जारी बयान में भी अमेरिका को आड़े हाथ लिया गया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हम अमेरिका के वेनेजुएला के खिलाफ किए गए सशस्त्र आक्रामकता की निंदा करते है। हम मौजूदा स्थिति से बहुत ज्यादा चिंतित हैं। इस समय तनाव बढ़ने से रोकना और बातचीत से स्थिति बेहतर करने का रास्ता खोजना जरूरी है।
ईरान और कोलंबिया भी सख्त
ईरान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य हमले की निंदा की गई है। बयान में कहा गया है कि हम वेनेजुएला की राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के घोर उल्लंघन की कड़ी निंदा करते हैं।
कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने अमेरिका के वेनेजुएला पर हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि कोलंबिया इस बात पर जोर देता है कि शांति, अंतर्राष्ट्रीय कानून का सम्मान और मानवीय गरिमा की सुरक्षा किसी भी तरह के सशस्त्र टकराव से ऊपर होनी चाहिए।













