अमेरिका को धमका रहे अली लारीजानी
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली-अमेरिकी हवाई हमले में सुप्रीम लीडर खामेनेई के मारे जाने के ठीक 24 घंटे बाद लारीजानी ने ईरान के सरकारी टेलीविजन पर आकर संदेश दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “अमेरिका और जायोनी शासन (इजरायल) ने ईरानी देश के दिल में आग लगा दी है।” उन्होंने कहा, “हम उनके दिल जला देंगे। हम जायोनी अपराधियों और बेशर्म अमेरिकियों को उनके किए पर पछतावा करवाएंगे।” उन्होंने आगे कहा, “बहादुर सैनिक और ईरान का महान देश, नारकीय अंतरराष्ट्रीय जालिमों को एक कभी न भूलने वाला सबक सिखाएगा।”
लारीजानी का जन्म कब और कहां हुआ
लारीजानी, खामेनेई की मौत के बाद ईरान को चलाने वाली तीन लोगों की ट्रांजिशनल काउंसिल में शामिल हैं। उन्हें ईरान के शासन में अहम भूमिका मिलने की उम्मीद है। अली लारीजानी का जन्म 3 जून 1958 को इराक के नजफ में हुआ था। उनका परिवार पहले से ही प्रभावशाली और अमीर था। टाइम मैगजीन ने 2009 में उन्हें ‘ईरान का कैनेडीज’ बताया था। उनके पिता मिर्जा हाशेम अमोली एक जाने-माने धार्मिक विद्वान थे।
लारीजानी का परिवार ईरान में काफी प्रभावशाली
लारीजानी की तरह उनके भाई भी ईरान में कुछ सबसे ताकतवर पदों पर रहे हैं, जिसमें ज्यूडिशियरी और असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स शामिल हैं, जो एक क्लेरिकल काउंसिल है जिसे सुप्रीम लीडर को चुनने और उसकी देखरेख करने का अधिकार है। 1979 के बाद ईरान के क्रांतिकारी एलीट से लारीजानी के निजी रिश्ते भी हैं। 20 साल की उम्र में, उन्होंने फरीदेह मोताहारी से शादी की, जो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के फाउंडर रूहोल्लाह खुमैनी के करीबी विश्वासपात्र मोर्तेजा मोताहारी की बेटी थीं।
अली लारीजानी के बारे में जानें
- अली लारीजानी ईरानी राजनीतिज्ञ और इस्लामिक क्रांतिकारी गार्ड कोर के पूर्व सैन्य अधिकारी हैं।
- वह 2025 से सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव के रूप में कार्यरत हैं।
- उन्होंने 2008 से 2020 तक ईरान की संसद के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है।
- लारीजानी ने 2024 के ईरानी राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवारी दाखिल की , लेकिन उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया।
- लारीजानी 15 अगस्त 2005 से 20 अक्टूबर 2007 तक सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव थे।
बेहद पढ़े लिखे हैं अली लारीजानी
धार्मिक परिवार में जन्में और परवरिश होने के बावजूद अली लारीजानी ने उच्च स्तर की शिक्षा पाई। लारीजानी ने न सिर्फ धार्मिक शिक्षा पाई है, बल्कि उन्होंने 1979 में शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी से मैथ और कंप्यूटर साइंस में बैचलर डिग्री हासिल की। बाद में उन्होंने तेहरान यूनिवर्सिटी से वेस्टर्न फिलॉसफी में मास्टर और डॉक्टरेट की डिग्री पूरी की और कांट पर अपनी थीसिस लिखी। उनकी बेटी फतेमेह भी तेहरान यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट है और अमेरिका के ओहियो में क्लीवलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी से अपनी स्पेशलाइज़ेशन पूरी की है।














