ग्रीनलैंड पर धमकी से तनाव
समझौते का मकसद अमेरिकी टैरिफ को 15 प्रतिशत पर रखकर व्यापार संबंधों को स्थिर करना था। इसके बदले में अमेरिकी एक्सपोर्ट पर शुल्क को कम किया जाना था। लेकिन ग्रीनलैंड पर अमेरिकी दबाव ने इसके भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। ट्रंप ने अमेरिकी फैसले का विरोध करने वाले देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। इसमें वे देश थे जिन्होंने इस सप्ताह ग्रीनलैंड में अपने कुछ सैनिकों को भेजा था।
ट्रंप ने टैरिफ की घोषणा के साथ यह भी कहा कि अगर ग्रीनलैंड पर कोई खरीद सौदा नहीं होता है तो इसे 1 जून से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा। यूरोपीय नेताओं ने ट्रंप की टैरिफ घोषणा के बाद कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंडोनियो कोस्टा ने कहा कि अगर ये उपाय लागू रहते हैं तो यूरोपीय यूनियन संयुक्त जवाब देगा।
ट्रंप को यूरोप का करारा जवाब
टैरिफ पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा यूरोप को धमकियों से नहीं डराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ‘टैरिफ की धमकियां अस्वीकार्य हैं और इनकी यहां कोई जगह नहीं है। यूरोप जवाब देगा।’ स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने भी यूरोप की संप्रभुता की रक्षा करने की बात कही। इस बीच यूरोपीय संसद के अंदर ट्रेड डील को लेकर समझौते की प्रक्रिया रोक दी है। यूरोपियन पीपल्स पार्टी के प्रमुख मैनफ्रेड वेबर ने कहा कि सांसद उस समय किसी समझौते का समर्थन नहीं कर सकते हैं, जब ट्रंप ग्रीनलैंड से जुड़ी धमकियां दे रहे हों।













