यूएसएस अब्राहम लिंकन (CVN-72) को 1980 के दशक में बनाया गया था। इस पर करीब 2.24 अरब डॉलर का खर्च आया था। आज की वैल्यू के हिसाब से यह राशि करीब 6.8 अरब डॉलर बैठती है। इसमें दशकों तक किए गए मेंटनेंस और अपग्रेडेशन का खर्च शामिल नहीं है। 2020-21 में इसको अपग्रेड करने में करीब 16 करोड़ डॉलर खर्च किए गए थे। यह अपने आप में समुद्र में तैरता हुआ एक शहर और एयरबेस है। इस पर हजारों नौसैनिक तैनात रहते हैं।
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सबसे महंगा एयरक्राफ्ट कैरियर
अमेरिकी नौसेना की निमित्ज क्लास के सुपरकैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन को काफी ताकतवर माना जाता है। खतरनाक मिसाइलों और हथियारों से लेस यह कैरियर अकेले ही कई देशों की सेना को तबाह कर सकता है। इस न्यूक्लियर-पावर्ड कैरियर का वजन 100000 टन से ज्यादा है और यह दुनिया के सबसे बड़े कैरियर में शामिल है। इसके साथ कई डेस्ट्रॉयर, पनडुब्बी और सपोर्ट शिप भी हैं। इसमें कई तरह के रोल निभाने वाले फाइटर और हेलीकॉप्टर तैनात हैं।
वैसे यूएसएस जेरल्ड आर फोर्ड (CVN-78) को दुनिया का सबसे महंगा एयरक्राफ्ट कैरियर माना जाता है। फोर्ड क्लास के इस कैरियर को बनाने में 13.3 अरब डॉलर खर्च किए गए। साथ ही इसके लिए रिसर्च और डेवलपमेंट पर भी 5 अरब डॉलर खर्च हुए। इसे बनाने में करीब 12 साल का समय लगा। इसे दुनिया का अब तक का सबसे आधुनिक विमानवाहक पोत माना जाता है।














