अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी जंग के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के गुरु अलेक्जेंडर डुगिन ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अमेरिका पर दोनों देशों लड़वाने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसके पीछे BRICS को कमजोर करने की साजिश कहा है। उन्होंने लिखा है कि “अफगान-पाकिस्तान युद्ध ट्रंप का ऐलान किया हुआ BRICS के खिलाफ हमला है। अफगानिस्तान के पीछे भारत है। पाकिस्तान के पीछे चीन है। कबीलों के इलाके में ज्यादातर पश्तून रहते हैं जो अफगानिस्तान में राज करने वाले ज्यादातर लोग हैं। पश्तून तालिबान (कट्टरपंथी सलाफ़ी) हैं।”
पुतिन के गुरु एलेक्जेंडर डुगिन के कहने का क्या मतलब है?
अलेक्जेंडर डुगिन को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दिमाग कहा जाता है। वो बहुध्रुवीय दुनिया के हिमायती हैं। उनका बयान पाकिस्तान-अफगानिस्तान युद्ध में रूसी सोच को दिखाता है। उन्होंने इसे ब्रिक्स से जोड़ा है, जिसका मतलब है कि डुगिन का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप अपने अमेरिका फर्स्ट नीति के लिए पाकिस्तान को अफगानिस्तान पर हमला करने के लिए कह रहे हैं। क्योंकि ब्रिक्स में दो सदस्य भारत और चीन हैं इसीलिए ये लड़ाई काफी ज्यादा जियो-पॉलिटिकल है। डुगिन का कहना है कि पाकिस्तान के पीछे चीन है और अफगानिस्तान के पीछे भारत।
यानि अमेरिका की रणनीति है कि ब्रिक्स के दो सदस्य देश भारत और चीन अफगानिस्तान युद्ध में उलझ जाएं ताकि ब्रिक्स कमजोर हो जाए। इसका मकसद ये हो सकता है कि अगर दक्षिण एशिया युद्ध की आग में जलता है तो ब्रिक्स का आर्थिक और रणनीतिक एजेंडा ठप हो जाएगा जिससे अमेरिका को फिर से अपनी वैश्विक पकड़ मजबूत करने का मौका मिलेगा। हालांकि डुगिन ने यहां अफगानिस्तान के पीछे भारत का नाम लिया है, लेकिन भारत ने साफ कर रखा है कि वो किसी भी संघर्ष का साथ नहीं देता है। खुद पाकिस्तान ने ही दशकों की मेहनत से तालिबान और तहरीक-ए-तालिबान जैसे संगठनों को खड़ा किया है और पाकिस्तान खुद अपने ही लगाए आग में जल रहा है।
पाकिस्तान तालिबान लड़ाई में मौजूदा हालात क्या हैं?
पाकिस्तान और तालिबान, दोनों पक्षों ने हवाई हमले और जमीनी हमले की बात मानी है। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने एक दर्जन से ज्यादा पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जा कर लिया और 19 चेक पोस्ट और दो बेस तबाह कर दिए। तालिबान ने 55 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया है। उसने कहा कि लड़ाई आधी रात को खत्म हो गई। जबकि पाकिस्तान ने इन दावों को खारिज कर दिया है।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और तीन घायल हो गए। उन्होंने कहा कि 36 अफगान लड़ाके मारे गए। अफगानिस्तान ने कहा कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और कई पकड़े गए। तालिबान ने आठ अफगान सैनिकों के मारे जाने और 11 सैनिकों के घायल होने की बात कही है। हालांकि दोनों ही पक्षों के दावों में कितनी सच्चाई है इसकी पुष्टि करना असंभव है।














