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  • अमेरिकी F-35 बनाम चीनी J-20 फाइटर जेट, दुनिया में बादशाहत की जंग, ड्रैगन बनाएगा 1300 स्‍टील्‍थ जेट?

    बीजिंग: वेनेजुएला का सैन्‍य अभियान हो या ईरान में मिडनाइट हैमर हमला, दुनिया में एक बार फिर से यह साबित हो गया है कि किसी भी युद्ध को जीतने के लिए जोरदार हवाई ताकत की सख्‍त जरूरत है। अमेरिकी एफ-35 स्‍टील्‍थ फाइटर ने इन दोनों ही जंगों में बेहद अहम भूमिका निभाई। वहीं अगर यूक्रेन


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    By Azad Hind Desk जनवरी 19, 2026
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    बीजिंग: वेनेजुएला का सैन्‍य अभियान हो या ईरान में मिडनाइट हैमर हमला, दुनिया में एक बार फिर से यह साबित हो गया है कि किसी भी युद्ध को जीतने के लिए जोरदार हवाई ताकत की सख्‍त जरूरत है। अमेरिकी एफ-35 स्‍टील्‍थ फाइटर ने इन दोनों ही जंगों में बेहद अहम भूमिका निभाई। वहीं अगर यूक्रेन युद्ध की बात करें तो रूस अभी भी कीव केऊपर हवाई बढ़त स्‍थापित करने में फेल साबित हुआ है। यूक्रेन की सेना एफ-16, मिराज-2000 फाइटर जेट और एयर डिफेंस सिस्‍टम की मदद से रूसी वायुसेना पर घातक प्रहार कर रही है। अमेरिका अभी तक स्‍टील्‍थ फाइटर जेट के मामले में एफ-22 रैप्‍टर और एफ-35 की मदद से बढ़त बनाए हुए थी लेकिन अब उसे चीन और रूस से जोरदार टक्‍कर मिलने जा रही है। ब्रिट‍िश थिंक टैंक RUSI के मुताबिक साल 2030 तक चीन और रूस की हवाई क्षमता में बहुत जोरदार इजाफा होने जा रहा है।

    RUSI ने अपनी ताजा रिपोर्ट में बताया कि चीनी हवाई ताकत खासतौर पर अमेरिका के लिए बड़ा खतरा बनने जा रही है। वहीं यूरोप में बढ़ती रूसी हवाई ताकत होश उड़ाए हुए है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की हवाई ताकत पूरे हिंद प्रशांत क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। साल 2030 तक अमेरिका के स्‍टील्‍थ फाइटर जेट एफ-22 और एफ-35 के दुश्‍मन के हवाई इलाके में घुसने की क्षमता भी काफी कम हो जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2020 के बाद से ही चीनी वायुसेना ने तूफानी रफ्तार से अत्‍याधुनिक फाइटर जेट बनाना शुरू कर दिया था।

    अमेरिका और चीन में बादशाहत की होड़

    साल 2020 में चीन की वायुसेना के पास 90 से 100 हैवी फाइटर जेट थे। साल 2025 तक यह आंकड़ा बढ़कर 450 तक पहुंच गया। यही नहीं पिछले 5 साल में J-16 फाइटर जेट का प्रोडक्‍शन भी लगभग दोगुना होकर 80 से 100 व‍िमान हो गया। थिंक टैंक के मुताबिक साल 2030 तक चीन के पास 900 J-16 फाइटर जेट हो सकता है। इसके अलावा चीन 800 जे-10सी फाइटर जेट बना सकता है। यह वही व‍िमान है जो भारत के राफेल से भिड़ा था। जे-10 सी व‍िमान AESA रडार और अत्‍याधुनिक सेंसर से लैस है।

    रिपोर्ट के मुताबिक चीन की J-20 स्‍टील्‍थ फाइटर जेट बनाने की क्षमता और भी ज्‍यादा आकर्षक है। चीन के पास साल 2020 में J-20 बनाने की क्षमता 40 से 50 थी। साल 2025 में यह क्षमता अब बढ़कर 120 फाइटर जेट हो गई है। साल 2030 तक चीन 1000 J-20 स्‍टील्‍थ फाइटर जेट तैनात कर सकता है। बता दें कि साल 2025 में अमेरिका की कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने 191 एफ-35 फाइटर जेट 19 देशों के लिए बनाए थे। वहीं चीन की बात करें तो उसने 120 जे-20 फाइटर जेट केवल चीनी वायुसेना के लिए बनाए हैं। यही नहीं चीन का दूसरा स्‍टील्‍थ फाइटर जेट J-35A भी सीरियल प्रोडक्‍शन में आ गया है। इसे भी वह साल 2030 तक बड़े पैमाने पर प्रोडक्‍शन कर सकता है।

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