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  • अरावली में अवैध खनन रोकने के लिए बनेगी कमेटी, सुप्रीम कोर्ट ने 4 हफ्ते में मांगे एक्सपर्ट के नाम

    नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने अरावली मामले की सुनवाई के बुधवार को दौरान कहा कि अवैध खनन से अपूरणीय क्षति हो सकती है। अरावली क्षेत्र में खनन, उससे जुड़े मुद्दों की व्यापक और समग्र जांच के लिए एक्सपर्ट कमिटी का गठन करेंगे। कोर्ट ने अडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी और कोर्ट सलाहकार के. परमेश्वर से


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    By Azad Hind Desk जनवरी 22, 2026
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    नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने अरावली मामले की सुनवाई के बुधवार को दौरान कहा कि अवैध खनन से अपूरणीय क्षति हो सकती है। अरावली क्षेत्र में खनन, उससे जुड़े मुद्दों की व्यापक और समग्र जांच के लिए एक्सपर्ट कमिटी का गठन करेंगे। कोर्ट ने अडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी और कोर्ट सलाहकार के. परमेश्वर से कहा कि वे 4 हफ्ते में ऐसे पर्यावरणविदों और वैज्ञानिकों के नाम सुझाएं, जिन्हें खनन के क्षेत्र में विशेषज्ञता हो।

    कोर्ट के निर्देशन में करेगी काम

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह कमिटी कोर्ट के निर्देशन और निगरानी में काम करेगी। क्या पहाड़ियों के बीच 500 मीटर के अंतराल वाले इलाकों में नियंत्रित खनन की अनुमति दी जा सकती है? अगर हां, तो ऐसे कौन से सटीक मानक अपना जाएं, ताकि परिस्थितिक निरंतरता पर असर न हो? ऐसे ही सवालों के जवाब कमिटी के एक्सपर्ट रिपोर्ट में देंगे।

    कब दूर करेंगे प्रदूषण’, SC ने मांगा प्लान

    सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार, नगर निगम और NCR के राज्यों की एजेंसियों से पूछा कि प्रदूषण कब तक दूर करेंगे। कोर्ट ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण निगरानी संस्था CAQM के लॉन्ग टर्म उपायों को लागू करने का ऐक्शन टेकन रिपोर्ट 4 हफ्ते में पेश करें। कोर्ट ने कहा कि अब कोई आपत्ति स्वीकार नही होगी।

    जानें क्या है अरावली विवाद

    आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 20 नवंबर को जारी आदेश में 100 मीटर से छोटी पहाड़ियों पर खनन के आदेश दिए थे। जिससे पूरे देश में 100 मीटर की परिभाषा को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।

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