सऊदी अरब की डिफेंस मिनिस्ट्र के एक प्रवक्ता ने बताया कि सऊदी अरामको की रास तानुरा फैसिलिटी को टारगेट करके दागे गए दो ड्रोन के सफलतापूर्वक रोक दिया गया। यह रिफाइनरी फारस की खाड़ी में स्थित है और सऊदी अरब के एक्सपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए काफी अहम है। पश्चिम एशिया पूरी दुनिया के लिए तेल और गैस का एक बड़ा स्रोत है और यहां संकट पैदा होने से क्रू़ड की की कीमत में काफी तेजी आई है।
ईरान-इजरायल घमासान के बीच कच्चे तेल की कीमत और गुड्स मूवमेंट पर नजर रख रही है सरकार
तेल में आग
एनर्जी ट्रेडर्स को आशंका है कि अगर तेल और गैस से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमला होता है तो इससे दुनिया भर में हाहाकार मच सकता है। इस हफ्ते कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने का अनुमान है। आज शुरुआती कारोबार में यह 12 फीसदी तक उछल गया था। अभी ब्रेंट क्रूड 10 फीसदी से अधिक तेजी के साथ 80.19 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।
सऊदी अरब ने अपने ऑयल इन्फ्रा के लिए सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए हैं। इससे पहले साल 2019 में भी Abqaiq और Khurais प्लांट्स पर भी ड्रोन और मिसाइल से हमला हुआ था। इससे सऊदी अरब की इन रिफाइनरीज को बंद कर दिया गया था। सऊदी अरब का आधा प्रोडक्शन इन्हीं दो रिफाइनरीज से होता है। इस कारण तेल की कीमतों में काफी तेजी आई थी। Abqaiq में दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी है जो ग्लोबल प्रोडक्शन का 5 फीसदी सप्लाई करता है।














