अडानी ग्रुप का इजरायल के हाइफा पोर्ट में निवेश है। अडानी पोर्ट्स ने साल 2023 में इजराइल के Gadot Group के साथ मिलकर 1.2 अरब डॉलर में इसकी 70% हिस्सेदारी खरीदी थी। यह बंदरगाह उत्तरी इजराइल में है और अडानी पोर्ट्स के सालाना कार्गो वॉल्यूम में लगभग 3% का योगदान करता है। यह इजराइल के आयात और निर्यात के लिए बहुत जरूरी है। पिछले साल जून में जब इजरायल ने ईरान पर हमला किया था तो अडानी ग्रुप के शेयरों में गिरावट देखने को मिली थी।
ईरान ने हाइफा पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइल, गौतम अडानी के पोर्ट को कोई नुकसान नहीं
अडानी ग्रुप ने क्या कहा?
इस बीच अडानी ग्रुप ने एक बयान में कहा कि हाइफा पोर्ट कंपनी में सारे कर्मचारी सुरक्षित हैं और पोर्ट पर सामान्य कामकाज हो रहा है। कंपनी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और ट्रांसपोर्ट एंड रोड सेफ्टी मिनिस्ट्री के निर्देशों के मुताबिक काम कर रही है। ग्रुप ने कहा कि वह अपने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सुचारू ऑपरेशन के लिए प्रतिबद्ध है। इजरायल की सप्लाई चेन और इंटरनेशनल ट्रेड में स्थिरता भी कंपनी की प्राथमिकता है।
फाइनेंशियल ईयर 2025 की पहली तिमाही में हाइफा पोर्ट के कंटेनर वॉल्यूम में पिछले साल के मुकाबले 25% तेजी आई जबकि कार्गो वॉल्यूम 38% बढ़ गया। इस तरह ओवरऑल वॉल्यूम ग्रोथ 29% रही। अडानी ग्रुप के पास आने के बाद हाइफा ने इस तिमाही में सबसे ज्यादा तिमाही तिमाही रेवेन्यू और ऑपरेटिंग एबिटा हासिल किया। यह इजरायल का सबसे बड़ा पोर्ट है और देश के कुल कार्गो वॉल्यूम का 56 फीसदी हैंडल करता है।












