डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार में पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर डॉक्टर तारिक फजल चौधरी ने शुक्रवार को कहा है कि इमरान खान की सेहत को लेकर हम फिक्रमंद हैं। हम विपक्ष को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि इस मामले में सरकार कोई लापरवाही नहीं करेगी।
इमरान खान को बेहतरीन इलाज मिलेगा
फजल चौधरी ने इमरान खान की आंख में दिक्कत के सवाल पर कहा, ‘इसे पॉलिटिकल तरीके से देखने की जरूरत नहीं है। यह एक मेडिकल मामला है। इमरान जहां भी चेक-अप के लिए जाना चाहेंगे, उन्हें ले जाया जाएगा। अगर वह अल-शिफा आई ट्रस्ट जाना चाहेंगे तो उन्हें वहां ले जाया जाएगा। चीफ जस्टिस किसी डॉक्टर की सलाह देते हैं तो उन्हें वहां ले जाया जाएगा।’
फजल ने इसका राजनीतिकरण ना करने की अपील करते हुए कहा कि यह सेंसिटिव मुद्दा है। इमरान खान की आंखों की डॉक्टर या सुपर-स्पेशलिस्ट जांच करेंगे। हम यह पक्का करने की कोशिश करेंगे कि उन्हें हर मुमकिन इलाज मिले। हालांकि मंत्री के बयान में विदेश भेजने की बात नहीं कही गई है लेकिन यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि इमरान को लंदन ले जाया जा सकता है।
इमरान के बेटे ने उठाए सवाल
इमरान खान के बेटे कासिम ने एक ट्वीट करते हुए कहा है कि मेरे पापा इमरान खान की दाहिनी आंख की रोशनी को नुकसान की वजह सरकार की लापरवाही है। उनको 922 दिनों तक जेल में अकेले कैद में रखने और मेडिकल सुविधा ना देने की वजह से यह सब हो रहा है। उनकी तबीयत हर गुजरते दिन के साथ बिगड़ रही है।
कासिम ने सरकार के साथ आर्मी को घेरते हुए कहा कि मेरे पिता को किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी पूरी तरह से सत्ता में बैठी सरकार, आर्मी चीफ और उन कठपुतलियों की है, जो इस जुल्म को होने दे रहे हैं। मेरे भाई और मुझे हमारे पिता की बिगड़ती सेहत के बावजूद उनसे मिलने के लिए वीजा नहीं दिया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पीटीआई के वकील सलमान सफदर को एमिकस क्यूरी बनाया था। वह मंगलवार को जेल में इमरान खान से मिले थे। इसके बाद उन्होंने जेल में इमरान की सेहत के बारे में सुप्रीम कोर्ट को सात पेज की रिपोर्ट सौंपी। जेल में इमरान ने सफदर को बताया कि उनकी दाहिनी आंख की रोशनी 85 फीसदी खत्म हो गई है।
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्ट मिलने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की आंख की जांच के लिए मेडिकल टीम बनाने का आदेश दिया है। रिपोर्ट पर गौर करते हुए गुरुवार को कोर्ट ने निर्देश दिया कि इमरान की आंखों की जांच 16 फरवरी से पहले कराई जाए। साथ ही इमरान को उनके बच्चों से फोन पर बात करने की इजाजत दी जाए।
पाकिस्तान के चीफ जस्टिस याह्या अफरीदी की अगुवाई वाली बेंच ने अडियाला जेल में बंद इमरान खान की सेहत से जुड़े मामले की सुनवाई इस हफ्ते शुरू की है। इमरान खान की सेहत को लेकर उनके परिवार और पार्टी की ओर से लगातार सवाल उठाए गए हैं। खासतौर से इमरान की आंख में दिक्कत को उन्होंने परेशानी का सबब कहा है।














