डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान हुए आत्मघाती हमले में 36 लोगों की जान गई है। इस मुद्दे पर शनिवार को अताउल्लाह तरार ने कहा कि देश में आतंकवाद के फिर बढ़ने के लिए पीटीआई जिम्मेदार है। साथ ही उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की जमीन पर ट्रेनिंग पाए दहशतगर्द पाकिस्तान में खून बहा रहे हैं।
इस्लामाबाद में धमाका सुरक्षा की चूक नहीं: तरार
तरार से सवाल किया गया कि क्या इस्लामाबाद का धमाके को आप सुरक्षा एजेंसियों की नाकामी मानती हैं। इस पर उन्होंने कहा, ‘ऐसा बिल्कुल नहीं है। पाकिस्तान की सुरक्षा संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिसाल के तौर पर सराहा जाता है। जाफर एक्सप्रेस पर हमले के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने शानदार काम किया। मैं इस्लामाबाद में सुरक्षा की चूक नहीं मानता हूं।’
अताउल्लाह ने आगे कहा, ‘सुरक्षा के इंतजाम के बावजूद मस्जिद में आतंकवादी हमला दुखद है लेकिन यह सुरक्षा नाकामी नहीं है। मैं यहां राजनीतिक बात नहीं कहना चाहता लेकिन याद दिलाऊंगा कि कैसे पूर्व सरकार (इमरान खान का कार्यकाल) ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के हजारों लड़ाकों को बसाया और आज हम उसकी कीमत चुका रहे हैं।’
तरार ने अफगानिस्तान पर निकाला गुस्सा
अताउल्लाह तरार ने दावा किया कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान में हिंसा फैलाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद का खुदकुश हमलावर भी लंबे समय अफगानिस्तान में रहा था और वहीं उसने ट्रेनिंग ली। अफगानिस्तान में ट्रेनिंग लेने के बाद वह पाकिस्तान आया और इस्लामाबाद में भीषण हमले को अंजाम दिया।
इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में इमामबाड़ा कसर-ए-खदीजतुल कुबरा में शुक्रवार को नमाज के दौरान एक हमलावर ने खुद को बम से उड़ा लिया। इस दौरान मस्जिद में 600 से 700 से ज्यादा लोग नमाज के लिए जमा थे। पाकिस्तानी अधिकारियों ने आत्मघाती हमले में 36 लोगों की मौत की पुष्टि की है। वहीं 170 घायलों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है।














