द वॉर जोन की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पहली बार है जब ईरान ने इस इलाके में जहाजों पर हमला करने के लिए USV (ड्रोन बोट) का इस्तेमाल किया है। ईरान ने लगातार USV और पानी के नीचे के ऐसे वाहन बनाए हैं, जो कामिकेज हमले कर सकते हैं। उसने उन्हें अपने हथियारों के जखीरे में शामिल किया है। साफ है कि ईरान इस तरह के और हमले कर सकता है। अपने इस हथियार से वह समुद्री जहाजों के लिए मुश्किल खड़ी करेगा।
USV से जहाजों पर हमलें
यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में जहाजों के खिलाफ अपने अभियान में कई मौकों पर इस तरह के USV का इस्तेमाल किया है। यूक्रेन में चल रहे युद्ध ने भी पूरी तरह से यह दिखाया है कि ड्रोन बोट क्षमताएं जहाजों और तटीय ठिकानों, यहां तक कि हवाई जहाजों के लिए भी असली खतरे पैदा करती हैं।
ईरान की ओर से ओमान तट के पास यह ड्रोन बोट हमला तब किया गया, जब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने उत्तर-पश्चिम में 150 नॉटिकल मील दूर होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का ऐलान किया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि भी तरह के जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की इजाजत नहीं है।
अमेरिकी जहाज भी बना निशाना
ओमान की खाड़ी में टैंकरों के अलावा सोमवार को बहरीन के पोर्ट पर अमेरिकी झंडे वाले तेल टैंकर पर भी ईरानी प्रोजेक्टाइल से हमले हुए हैं। हालांकि यह साफ नहीं है कि जहाज पर मिसाइल से हमला हुआ था या ड्रोन से अटैक किया गया। कंपनी सिक्योरिटी ऑफिसर ने बताया कि जहाज पर दो अनजान प्रोजेक्टाइल से लगी आग बुझा दी गई है।
ईरान और पश्चिम एशिया में लड़ाई शनिवार से शुरू हुई है। शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने ईरान में भारी बमबारी की थी। इस हमले में ईरान में जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। इसके बाद ईरान भी मिसाइल और ड्रोन अटैक करते हुए जवाब देने की कोशिश कर रहा है। ईरान के स्कूल पर अमेरिकी हमले में 168 छोटी बच्चियों की मौत भी हुई है।














