ईरान ने 28 दिसंबर को महंगाई के खिलाफ शुरू हुए आंदोलन को कुचलने के लिए खतरनाक क्रूरती की है और अभी तक 2800 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को मौत के घाट उतार दिया है। इसी कड़ी में पिछले एक दिन दिनों में 800 प्रदर्शनकारियों को फांसी पर लटकाना था, लेकिन अमेरिका ने साफ कर दिया था कि ऐसा करना बहुत बुरा होगा। वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि “ट्रंप और उनकी टीम ने ईरानी अधिकारियों को सीधी चेतावनी दी थी, जिसमें फांसी की योजना को प्रदर्शनकारियों के हिंसक दमन से जोड़ा गया था। वाशिंगटन ने फांसी को हिंसक दमन बताया था।”
ईरान ने 800 लोगों की फांसी रोकी
कैरोलिन लेविट ने एक ब्रीफिंग के दौरान पत्रकारों से कहा कि “राष्ट्रपति को आज पता चला कि कल होने वाली 800 फांसी की सजाओं को रोक दिया गया है। राष्ट्रपति के लिए सभी विकल्प खुले हैं।” वाइट हाउस का ये बयान उस वक्त आया है, जब अमेरिका ने पांच ईरानी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिनपर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ क्रूर हिंसा करने के आरोप लगे हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वाशिंगटन ने ईरानी नेताओं के विदेशी बैंकों में किए गए फाइनेंशियल ट्रांसफर को ट्रैक करना भी शुरू कर दिया है, जिससे तेहरान पर भारी प्रेशर है। अमेरिका, ईरान के सीनियर अधिकारियों के बैंक खातों को फ्रीज कर सकता है। प्रेस सेक्रेटरी ने कहा कि अगर विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी हत्याएं जारी रहीं तो ट्रंप ने तेहरान को “गंभीर परिणामों” की चेतावनी दी थी।
लेविट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप, ईरान के अंदर के घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे हैं और उन्हें ईरानी अधिकारियों से आश्वासन मिला है कि फांसी और हत्याएं बंद हो जाएंगी। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति और उनकी टीम ने ईरानी शासन को बताया है कि अगर हत्याएं जारी रहीं, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।” उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप को बताया गया था कि “हत्याएं और फांसी” रोक दी जाएंगी। ईरान एक दिन पहले सिर्फ 26 साल के एक प्रदर्शनकारी इरफान सोल्तानी को फांसी की सजा देने वाला था, जिसको लेकर दुनियाभर में ईरान का विरोध किया गया था। अब हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी इरफान सोल्तानी के परिवार ने कहा है कि उनकी फांसी टाल दी गई है। हालांकि ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने बताया कि “उन्हें मौत की सजा नहीं सुनाई गई है।”













