ग्लोबल फायरपावर ने साल 2026 के लिए सैन्य लिहाज से सबसे ताकतवर देशों का इंडेक्स जारी किया है। देशों की सैन्य ताकत देखने के लिए उनके लड़ाकू विमान, युद्धपोत और पनडुब्बियों से लेकर सैन्य बजट और लॉजिस्टिक तक पहुंच को परखा गया है। इस लिस्ट में अमेरिका शीर्ष पर है। इसके बाद रूस और चीन का नंबर है। दुनिया के टॉप-5 सबसे शक्तिशाली सेनाओं में भारत और दक्षिण कोरिया का भी नाम है। वहीं पाकिस्तान शीर्ष 10 से बाहर है।
पाकिस्तान की स्थिति में गिरावट
पाकिस्तान को सबसे बड़ी सैन्य ताकतों की इस फेहरिस्त में साल 2026 में 14वें स्थान पर रखा गया है। यह भारत के मई-2025 के ऑपरेशन सिंदूर के बाद उसकी स्थिति में आई गिरावट को दिखाता है। बीते दो साल में पाकिस्तान पांच पायदान गिरा है। इससे पता चलता है कि भारत के हमले में नुकसान ना होने का असीम मुनीर की आर्मी का दावा हवा-हवाई है।
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले (22 अप्रैल 2025) की जवाबी कार्रवाई के तौर पर मई-2025 में पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था। इसके बाद चार दिन तक (7 से 10 मई) दोनों देशों में लड़ाई चली। इस दौरान भारत ने पाकिस्तानी आर्मी के ठिकानों को निशाना बनाया। पाक ने इसे नकारने की कोशिश की लेकिन आंकड़े उसका नुकसान दिखा रहे हैं।
मुनीर के नेतृत्व में पाक फौज की हालत
असीम मुनीर साल 2022 के नवंबर महीने में पाकिस्तानी फौज के चीफ बने थे। इसके अगले साल 2023 में आए ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स में पाकिस्तानी आर्मी का नंबर सातवां था। यानी मुनीर को दुनिया की एक ताकतवर सेना की कमान मिली थी लेकिन उनके हाथ में चीजें आते ही तेजी से फिसलन शुरू हो गई।
पाकिस्तान आर्मी अगले साल 2024 में 9वें नंबर पर आ गई। साल 2025 में पाकिस्तान की आर्मी को एक और झटका लगा और वह टॉप-10 से बाहर होते हुए 12वें पायदान पर लुढ़क गई। असीम मुनीर इसके बावजूद लंबी-लंबी हांकते रहे और घरेलू राजनीति में दखल बढ़ाते रहे। इसका नतीजा 2026 में पाक सेना 14वें नंबर पर है।
पाकिस्तान में सेना का दखल
पाकिस्तान में सियायत से लेकर समाज तक फौज का जबरदस्त दखल रहा है। कई मौकों पर सेना प्रमुखों ने सरकारों का तख्तापलट कर सत्ता हथियाई है। हालांकि साल 2008 में सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ के हटने के बाद देश में नागरिक सरकार आने का सिलसिला चला तो माना गया कि अब लोकतंत्र की स्थिति में सुधार होगा।
पाकिस्तान में लोकतंत्र की उम्मीदों को मौजूदा आर्मी चीफ असीम मुनीर ने एक बार फिर झटका दिया है। मुनीर ने सरकार में अपना दखल बढ़ाया और विपक्ष, खासतौर से इमरान खान पर सख्ती दिखाते हुए उनको और उनकी पार्टी के नेताओं को जेलों में डाल दिया। उन्होंने सेना को मजबूत करने की बात कहकर समर्थन जुटाने की कोशिश की लेकिन यह दावा झूठ निकला है।













