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  • कार, बीयर, फ्रूट जूस, प्रोसेस्ड फूड… EU के साथ FTA के बाद क्या-क्या हो जाएगा सस्ता?

    नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच ट्रेड डील हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में यूरोपीय आयोग की प्रेजिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय काउंसिल के प्रेजिडेंट एंटोनियो कोस्टा ने इंडिया-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत पूरी होने की राजनीतिक घोषणा पर हस्ताक्षर किए। इसे ‘मदर ऑफ ऑल


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    By Azad Hind Desk जनवरी 27, 2026
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    नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच ट्रेड डील हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में यूरोपीय आयोग की प्रेजिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय काउंसिल के प्रेजिडेंट एंटोनियो कोस्टा ने इंडिया-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत पूरी होने की राजनीतिक घोषणा पर हस्ताक्षर किए। इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। भारतीयों के लिए यूरोपीय कारें, बीयर और कई खाद्य पदार्थ सस्ते होने की उम्मीद है। यूरोपीय संघ ने कहा है कि भारत यूरोपीय संघ से आने वाले 96.6% सामान पर टैरिफ को हटा देगा या कम कर देगा।

    इससे यूरोपीय उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ में सालाना 4 अरब यूरो तक की बचत होगी। इस समझौते से फ्रूट जूस और प्रोसेस्ड फूड जैसे यूरोपीय निर्यात पर लगने वाले टैरिफ खत्म हो जाएंगे। जैतून का तेल, मार्जरीन और अन्य वनस्पति तेलों पर शुल्क कम या समाप्त कर दिया जाएगा। साथ ही, शराब पर लगने वाले टैरिफ को 40% तक कम किया जाएगा। साथ ही भारत से यूरोप को निर्यात होने वाले 90% से ज्यादा माल पर टैरिफ शून्य हो जाएगा।

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    किसे कितना फायदा

    इसके अलावा, ईयू अगले दो वर्षों में भारत के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के प्रयासों में सहायता के लिए 500 मिलियन यूरो की सहायता प्रदान करेगा। यह इस सौदे के आर्थिक और जलवायु आयामों को भी दर्शाता है। यूरोपीय संघ ने कहा कि यूरोपीय ऑप्टिकल, मेडिकल और सर्जिकल उपकरणों के 90% पर लगने वाले टैरिफ को हटा दिया जाएगा। साथ ही, ईयू के लगभग सभी विमानों और अंतरिक्ष यान के भारत को होने वाले निर्यात पर लगने वाले शुल्क भी हटा दिए जाएंगे।

    इस सौदे से मशीनरी पर लगने वाले 44% तक के टैरिफ, रसायनों पर 22% और फार्मास्यूटिकल्स पर 11% के टैरिफ काफी हद तक समाप्त हो जाएंगे। ईयू को उम्मीद है कि इससे बाजार तक पहुंच काफी गहरी होगी और 2032 तक भारत को ईयू के निर्यात को दोगुना करने में मदद मिलेगी। भारत और ईयू के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 136 बिलियन डॉलर होने का अनुमान है। इस समझौते के हिस्से के रूप में भारत को वस्त्र, चमड़ा और समुद्री उत्पादों सहित कई महत्वपूर्ण निर्यात श्रेणियों के लिए शुल्क-मुक्त पहुंच मिलने की संभावना है। इसके बदले में, भारत ऑटोमोबाइल, वाइन और स्पिरिट जैसे क्षेत्रों में टैरिफ रियायतें देगा।

    भारतीय एक्सपोर्ट को फायदा

    कॉमर्स मिनिस्ट्री का कहना है कि ईयू के साथ एफटीए का बाद कई चीजों पर टैरिफ जीरो हो जाएगा। इनमें मरीन प्रोडक्ट्स, केमिकल, फुटवियर, अपैरल, टेक्सटाइल्स, जेम एंड जूलरी, बेस मेटल्स, रेल प्रोडक्ट्स एंड शिप, कंज्यूमर गुड्स और खिलौने एवं खेल से जुड़े सामान शामिल हैं। अभी मरीन सेक्टर के उत्पादों पर यूरोप में 26% टैरिफ लगता है। केमिकल्स पर 12.8%, फुटवियर पर 17%, अपैरल और टेक्सटाइल्स पर 12%, जेम्स एंड जूलरी पर 4%, बेस मेटल्स पर 10%, रेल प्रोडक्ट्स और शिप पर 7%, कंज्यूमर गुड्स पर 10.5% और खिलौनों तथा स्पोर्ट्स गुड्स पर 4.7% टैरिफ लगता है।

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