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  • कौन है ये पर्पल बालों वाली AI लड़की? सोशल मीडिया पर क्यों वायरल हो रहे इसके खतरनाक मीम्स, रातों-रात बनी इंटरनेट पर सनसनी

    ब्रिटेन में AI से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक एआई-जनरेटेड स्कूली स्टूडेंट अमेलिया इंटरनेट पर विवाद का विषय बन गई है। दरअसल यह बैंगनी बालों वाली एआई लड़की नफरत और नस्लवाद से भरे मीम्स की पहचान बन गई है। हैरान करने वाली बात ये है कि इस AI कैरेक्टर को एक


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    By Azad Hind Desk जनवरी 26, 2026
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    ब्रिटेन में AI से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक एआई-जनरेटेड स्कूली स्टूडेंट अमेलिया इंटरनेट पर विवाद का विषय बन गई है। दरअसल यह बैंगनी बालों वाली एआई लड़की नफरत और नस्लवाद से भरे मीम्स की पहचान बन गई है। हैरान करने वाली बात ये है कि इस AI कैरेक्टर को एक सरकारी गेम में युवाओं को चरमपंथ से दूर रखने के लिए बनाया गया था। हालांकि अब AI के जरिए इस नेक इरादे से बनाई गई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नफरती विचारधारा और वायरल प्रोपेगेंडा को फैलाने के लिए हो रहा है।

    कौन है अमेलिया?

    अमेलिया को ‘पाथवेज: नेविगेटिंग द इंटरनेट एंड एक्सट्रीमिज्म’ नाम की एजुकेशनल गेम के लिए बनाया गया था। इस गेम को बनाने के पीछे ब्रिटिश गृह मंत्रालय का हाथ था, ताकि 13-18 साल के युवाओं का चरमपंथ की ओर झुकाव कम किया जा सके। गेम में अमेलिया और उसके ही जैसे कैरेक्टर्स से बात करते हुए युवाओं को सही फैसला लेना सिखाया जाता था। हालांकि इंटरनेट ने इस कैरेक्टर को पूरी तरह से बदल दिया है। आज X जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई वीडियो मिल जाएंगे जहां अमेलिया प्रवासियों के खिलाफ नस्लवादी नफरती भाषा का इस्तेमाल करती दिख जाती है।

    नफरती मीम्स की बाढ़

    इन दिनों ब्रिटेन में अमेलिया से जुड़े मीम्स की बाढ़ आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार,(REF.) इंटेलिजेंस ने 9 जनवरी को एक अनाम अकाउंट से शुरू हुए एक पोस्ट को हाईलाइट किया है, जिसे कि 14 लाख से ज्यादा बार देखा गया है। अमेलिया से जुड़े पहले रोजाना लगभग 500 पोस्ट हुआ करते थे लेकिन 15 जनवरी के बाद इनकी गिनती बढ़कर 10,000 हर दिन हो गई है। इतना ही नहीं अमेलिया के नाम पर एक क्रिप्टोकरेंसी भी शुरू कर दी गई है। एलन मस्क के पोस्ट से उस क्रिप्टोकरेंसी को और भी बढ़ावा मिला है।

    एक्सपर्ट्स की चिंता और सवाल

    इस अनोखे मामले ने सुरक्षा और नैतिकता से जुड़े सवालों को जन्म दिया है। इसे लेकर गेम बनाने वाली कंपनी ‘शाउट आउट यूके’ के सीईओ मैटेओ बर्गामिनी का कहना है कि इस मामले को नफरत को मुनाफे में बदलने की तरह देखा जाना चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह कैरेक्टर युवाओं को काफी आकर्षित कर रहा है। ऐसे में साफ है कि AI का इस्तेमाल आने वाले दिनों में किस तरह की चुनौतियों को जन्म दे सकता है।

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