अमेरिका ने रिलीज की खास मिसाइसल
इजरायली डिफेंस फोर्सेस ने कहा कि करीब 200 फाइटर जेट का इस्तेमाल किया गया। अमेरिकी फोर्स ने टोमाहॉक क्रूज मिसाइसल वॉरशिप से रिलीज की। टोमाहॉक लंबी रेंज की प्रिसिजन गाइडेड क्रूज मिसाइल है। ये समुद्र से या जमीन से लॉन्च की जा सकती है। यह कम ऊंचाई पर उड़ती है इसलिए दुश्मन को एयर डिफेंस को चकमा दे सकती है। ये 1600 किमी से ज्यादा दूरी तक हमला कर सकती है।
ईरान पर पांचवी पीढ़ी से हमला
ईरान पर हमले के लिए एफ-35 और एफ-18 फाइटर जेट स्ट्राइक पैकेज में शामिल थे। एफ-35 पांचवी पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट है। ये जीपीएस गाइडेड बम और मिसाइल ले जा सकता है। एफ-18 मल्टी रोल फाइटर है। इसका इस्तेमाल एयर टू एयर और एयर टू ग्राउंड दोनों तरह के मिशन में किया जाता है।
एक्सपर्ट्स का क्या है मानना
ईरान पर हमले के लिए इजरायल और यूएस ने कामेकाजी ड्रोन का भी इस्तेमाल किया। ये सुसाइड ड्रोन होता है। जिस तरह की तस्वीरें आ रही है उससे एक्सपर्ट्स का मानना है कि GBU-28 बंकर-बस्टर बम का भी इस्तेमाल किया गया है। ये कंक्रीट और जमीन के नीचे गहरे छिपे कमांड कंट्रोल या ठिकानों को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
ईरान इन हथियारों से किया हमला
ईरान ने अपनी मीडियम और लॉन्ग रेंज बैलेस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। साथ ही आत्मघाती ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया। दोनों तरफ से आत्मघाती ड्रोन का इस्तेमाल हुआ। ये मिसाइल के मुकाबले काफी कम कीमत के होते हैं।
खामनेई की मौत के बाद क्यों चर्चा में मोसाद
ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई की मौत के साथ ही इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद फिर चर्चा में है। ये चर्चाएं हो रही हैं कि क्या इसमें मोसाद की कोई भूमिका थी। सोशल मीडिया पर ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद का एक विडियो वायरल है जिसके जरिए ये संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि मोसाद किस तरह काम करती है।
CNN Türk के इंटरव्यू का है वीडियो
इस विडियो में अहमदीनेजाद ये दावा कर रहे हैं कि ईरान ने मोसाद के एजेंटों को पकड़ने के लिए एक विशेष खुफिया इकाई बनाई थी लेकिन उस इकाई का प्रमुख ही मोसाद का ऑपरेटिव निकला। ये विडियो अहमदीनेजाद ने तुर्की के मीडिया चैनल CNN Türk को दिए एक इंटरव्यू का है। हालांकि ये दावा अहमदीनेजाद का व्यक्तिगत दावा है। न तो ईरान की तरफ से किसी और ने या फिर किसी दूसरी एजेंसी ने इसकी पुष्टि की है।
पेजर अटैक में मारे गए थे दर्जनों लोग
जब हमास ने इजरायल पर हमला किया था तब ये मोसाद की बड़ी विफलता बताई गई। उसके एक साल बाद ही 17 सितंबर 2024 को लेबनान में जब पेजर विस्फोट हमला हुआ तो दुनिया भर में फिर मोसाद के उस स्टाइल और क्षमता की चर्चा होने लगी जिसके लिए मोसाद जानी जाती है। हालांकि इजरायल ने कभी आधिकारिक तौर पर इसकी जिम्मेदारी नहीं ली। पेजर अटैक में हिजबुल्लाह के दर्जनों लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे। इजरायली फोर्सेस के अधिकारियों ने कहा था कि इसकी प्लानिंग 10 सालों से चल रही थी।













