• National
  • ‘गंभीर सुरक्षा चूक के बावजूद BSF को जमीन नहीं दे रही TMC’, मुर्शिदाबाद से दो ISI जासूस पकड़े जाने पर भड़की बीजेपी

    नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से दो युवकों को पाकिस्तान के लिए कथित रूप से जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अब पर इस मामले पर बीजेपी ने ममता सरकार पर निशाना साधा है। बीजेपी ने टीएमसी पर आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ है। मंगलवार


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 24, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से दो युवकों को पाकिस्तान के लिए कथित रूप से जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अब पर इस मामले पर बीजेपी ने ममता सरकार पर निशाना साधा है। बीजेपी ने टीएमसी पर आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ है।

    मंगलवार के बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘मुर्शिदाबाद में गिरफ्तार किए गए आईएसआई से जुड़े गुर्गों पर आतंकी साजिशों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान में अपने हैंडलर्स को ओटीटीपी भेजने का आरोप है और यह नेटवर्क कई वर्षों से सक्रिय था।’

    राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ है TMC: प्रदीप भंडारी

    ममता सरकार पर हमला बोलते हुए भंडारी ने कहा, इतनी गंभीर सुरक्षा चूक के बावजूद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार ने बॉर्डर पर BSF के बुनियादी ढांचे के लिए भूमि आवंटन को बार-बार रोक रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ है।

    पाकिस्तान में मौजूद हैंडलर्स से संबंध

    मुर्शिदाबाद से दोनों आरोपियों को पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने गिरफ्तार किया। उनके पास से कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, एक आरोपी, जुहाब शेख, जो मुर्शिदाबाद का निवासी है, को कुछ दिन पहले निगरानी के दौरान संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में जांचकर्ताओं को उसके पाकिस्तान में मौजूद कथित हैंडलर्स से संबंधों के संकेत मिले।

    पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर दूसरे युवक, सुमन शेख, को शनिवार को मुर्शिदाबाद के बहारामपुर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी सिम कार्ड बेचने का कारोबार करते थे।

    अनजान लोगों के पहचान पत्रों से हासिल करते थे सिम कार्ड

    जांच में सामने आया कि आरोपी अनजान लोगों के पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर सिम कार्ड हासिल करते थे और उन नंबरों से व्हाट्सऐप अकाउंट बनाते थे। सत्यापन के दौरान आने वाले वन-टाइम पासवर्ड वे कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर्स को भेज देते थे, जिससे उन अकाउंट्स को दूर से नियंत्रित किया जा सके।

    जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों द्वारा इस तरह कम से कम सात बार ओटीपी दिए जाने की आशंका है। इसके बदले उन्हें मोटी रकम मिली, जो उनके बैंक खातों में जमा हैं।

    अधिकारियों को संदेह है कि इन सिम कार्डों से बनाए गए अकाउंट्स का इस्तेमाल पाकिस्तान स्थित ऑपरेटिव्स द्वारा भारत में लोगों से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए किया गया हो सकता है। जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या इन अकाउंट्स के जरिए कोई संवेदनशील जानकारी हासिल या प्रसारित की गई और क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल थे।

    एसटीएफ की साइबर टीम ने इस कथित नेटवर्क की पहचान करने और आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाने में अहम भूमिका निभाई।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।