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  • गाजा में सेना भेजने के बदले पाकिस्तानी आर्मी चीफ मुनीर ने रखीं 4 शर्तें, ट्रंप से बात करने पहुंचे शहबाज की किरकिरी

    वॉशिंगटन/इस्लामाबाद: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ‘गाजा बोर्ड ऑफ पीस’ को लेकर पहली बैठक करने जा रहे हैं। ये बैठक अमेरिकी समय के मुताबिक गुरुवार को होने वाला है। जिसमें भाग लेने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ वॉशिंगटन पहुंच गये हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक के शुरू होने से पहले पाकिस्तान ने


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    By Azad Hind Desk फरवरी 19, 2026
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    वॉशिंगटन/इस्लामाबाद: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ‘गाजा बोर्ड ऑफ पीस’ को लेकर पहली बैठक करने जा रहे हैं। ये बैठक अमेरिकी समय के मुताबिक गुरुवार को होने वाला है। जिसमें भाग लेने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ वॉशिंगटन पहुंच गये हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक के शुरू होने से पहले पाकिस्तान ने अमेरिका के सामने कुछ शर्तें रखी हैं, जिसमें अमेरिका से कुछ खास अधिकार और गारंटी की मांग की गई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भारी भरकम डेलिगेशन के साथ वॉशिंगटन पहुंचे हैं, जिनमें उनके विदेश मंत्री इशाक डार, वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब, सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार और स्पेशल असिस्टेंट तारिक फातेमी साथ हैं।

    सूत्रों के हवाले से सीएनए न्यूज 18 की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ सैनिकों की तैनाती पर चर्चा की है। मुनीर ने पिछले दो दिनों में म्यूनिख में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रियाद में सऊदी अरब के रक्षा मंत्री और अबू धाबी में UAE के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर के साथ भी बैठकें की हैं।

    पाकिस्तान ने अमेरिका के सामने क्या शर्तें रखी हैं?

    • पाकिस्तान ने तुर्की की सेना के साथ गाजा में अपने सैनिकों को तैनात करने की मांग की है।
    • पाकिस्तान ने इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) के बराबर एक संयुक्त कमांड और कंट्रोल हेडक्वार्टर की मांग की है।
    • असीम मुनीर ने सैनिकों को भेजने के बदले अमेरिका से भारी भरकम डॉलर की मांग की है।
    • पाकिस्तान US, UAE, कतर और गाजा पीस बोर्ड और ISF के दूसरे स्टेकहोल्डर्स से और सिक्योरिटी, गारंटी भी चाहता है।

    सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर, गाजा में सेना भेजने में पाकिस्तान की अंदरूनी चुनौतियों के बारे में अमेरिकी अधिकारियों को जानकारी देंगे। इसके अलावा पाकिस्तान, सेना भेजने के लिए और समय की मांग कर सकता है। सूत्रों ने बताया है कि शहबाज शरीफ और असीम मुनीर के पास अमेरिकी दौरे के समय ‘गेमचेंजर’ एजेंडा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों को डर है कि अगर इस्लामाबाद सेना भेजने के लिए राजी होता है, तो उसे घरेलू अशांति, राजनीतिक विरोध और इस्लामी ग्रुप्स की लामबंदी और हमास के प्रति सहानुभूति रखने वाले देशों की प्रतिक्रियाओं का खतरा है।

    इससे पहले रिपोर्ट आई थी कि पाकिस्तान ने गाजा में शांति सेना को भेजने के बदले अपने लिए लीडरशिप की मांग की थी। यानि गाजा में सभी देशों की सेनाओं का नेतृत्व पाकिस्तान करता। जिसे खारिज कर दिया गया। इजरायल ने भी पाकिस्तान की किसी भी भूमिका का सख्त विरोध किया है।

    पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रेस रिलीज में गलतियां
    वहीं, शहबाज शरीफ के दौरे को लेकर पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की तरफ से जो प्रेस रिलीज जारी किया गया है, उसमें कई सारी गलतियां थीं। जिसकी वजह से उसका मजाक उड़ रहा है। जैसे प्रेस रिलीज के हेडलाइन में लिखा गया था ‘Prime Minister’s Visit to the Unites States of Americas’ जबकि Americas नहीं होना चाहिए था। यह ऐसी पहली घटना नहीं है। पिछले साल, इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में एक टेंशन वाले समय भी शहबाज शरीफ एक और कथित टाइपो की वजह से सोशल मीडिया का फोकस बन गए थे। ईरान पर इज़राइल के कथित एयरस्ट्राइक की बुराई करते हुए, एक स्क्रीनशॉट ऑनलाइन सर्कुलेट हुआ जिसमें दावा किया गया कि उन्होंने “I condom the attack” लिखा था, जबकि “I condemn” होना चाहिए था।

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