मालूम हो कि सोनू सूद ने दिसंबर 2025 में ही 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग पर पूरी तरह से बैन लगाने की मांग की थी। सोनू सूद ने अपने X और इंस्टाग्राम अकाउंट पर गाजियाबाद की तीनों बहनों की मौत पर दुख जाहिर करते हुए पोस्ट किया है। साथ ही डिजिटल मीडियम और ऑनलाइन गेम्स की लत के प्रति आगाह किया है।
सोनू सूद का 3 लड़कियों के सुसाइड पर फटा कलेजा
सोनू सूद ने लिखा, ‘आज गाजियाबाद में तीन लड़कियों की जान चली गई। हिंसा से नहीं, गरीबी से नहीं, बल्कि ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल लत के अनदेखे दबाव से। मैंने पहले भी आवाज उठाई है, और मैं फिर से कह रहा हूं। शिक्षा को छोड़कर, 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग पर बैन लगाया जाना चाहिए। बचपन को मार्गदर्शन की जरूरत है, एल्गोरिदम की नहीं।’
‘बच्चों को देखभाल की जरूरत, अब एक्शन लेने का समय’
सोनू सूद ने आगे लिखा, ‘बच्चों को देखभाल की जरूरत है, लगातार स्क्रीन के सामने खड़े रहने की नहीं। यह दोष लगाने की बात नहीं है।
यह सुरक्षा की बात है, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए। इसे एक और ऐसी खबर न बनने दें, जिसे हम भूल जाएं। अब एक्शन लेने का समय है।’
क्या है गाजियाबाद का तीन बहनों की मौत का मामला?
घटना गाजियाबाद के टीला मोड़ थाना क्षेत्र की है। यहां तीन नाबालिग बहनों ने एक बिल्डिंग की 9वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। तीनों के नाम निशिका (16 साल), प्राची (14 साल) और पाखी (12 साल) हैं। रात के करीब दो बजे के आसपास तीनों बहनों के गिरने की आवाज आई, तो लोग उनकी तरफ दौड़े थे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में सामने आया कि तीनों बहनों को एक कोरियन टास्क-बेस्ड इंटरैक्टिव गेम की लत थी। उनके पैरेंट्स को भी इस पर आपत्ति थी और कई बार रोकने की कोशिश की थी। मृतक बहनों के पिता के मुताबिक, उन्हें लॉकडाउन के वक्त से मोबाइल फोन की लत लगी थी। फिर तीनों हर काम साथ करने लगीं। वो साथ ही खातीं, नहातीं और रहती थीं। ‘आजतक’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस उपायुक्त निमिष पाटिल ने बताया कि तीनों बच्चियों के माता-पिता ने कुछ दिनों से उन पर मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। इसके बाद से वो बहुत ज्यादा परेशान थीं।
कोरियन ऑनलाइन गेम में दिए जाते हैं टास्क
बताया जा रहा है कि जिस कोरियन गेम को तीनों बहनें खेल रही थीं, उसमें लोगों को टास्क दिए जाते हैं। फिर जब गेम खत्म होने वाला होता है, तो उन्हें मम्मी-पापा या फिर सबसे करीबी इंसान को एक नोट लिखने को कहा जाता है। इस गेम में पहला टास्क दिया जाता है कि वो किसी से बात नहीं करेंगे और अकेले रहेंगे। घरवाले अगर मोबाइल फोन ले लें, तो खूब रोना-धोना मचा दो और खाना छोड़ दो। और फिर आखिर में सुसाइड।
सोनू सूद ने की थी सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेम्स पर बैन की मांग
मालूम हो कि ऑस्ट्रेलिया ने 10 दिसंबर 2025 से अपने यहां 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगा दिया था। साथ ही बच्चों को इंस्टाग्राम, फेसबुक, टिक टॉक, रेडिट और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म एक्सेस करने पर भी रोक लगा दी थी। उसे देखते हुए ही सोनू सूद ने भी दिसंबर में ही भारत सरकार से अपील की थी कि अपने देश में भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेम्स पर बैन लगाया जाए। उन्होंने अपने X अकाउंट पर लिखा था, ‘ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगा दिया है, और अब भारत को भी ऐसा ही करने पर विचार करना चाहिए। हमारे बच्चों को एक सच्चा बचपन, मजबूत फैमिली बॉन्ड और स्क्रीन की लत से मुक्ति पाने का अधिकार है। हमारी सरकार ने देश के भविष्य के लिए कई शानदार कदम उठाए हैं, और यह कदम एक और सशक्त उदाहरण बन सकता है। आइए आज अपने बच्चों की रक्षा करें ताकि कल का भारत बेहतर हो सके।’













