ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक मारुति सुजुकी का कहना है कि डिमांड पूरी करने के लिए उसके प्लांट पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं। कंपनी के पास अभी 12 दिन की डीलर इंवेंट्री है। इसमें सात दिन का ट्रांजिट भी शामिल है। यह 30 दिन की नॉर्मल डीलर इंवेंट्री से आधे से भी कम है। कंपनी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (मार्केटिंग एंड सेल्स) पार्थो बनर्जी ने कहा कि पिछले हमने कंपनी की बुकिंग में 20 फीसदी तेजी आई। हमारी क्षमता इतनी अधिक नहीं है लेकिन हम पूरा प्रयास कर रहे हैं किसी को भी गाड़ी के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़े।
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कितनी गाड़ियां बनाती है कंपनी?
कंपनी ने पिछले महीने 161,000 कारें डिस्पैच की जबकि पिछले साल फरवरी में 160,791 गाड़ियां डिस्पैच की थी। सुजुकी मोटर ने पिछले महीने पोस्ट-अर्निंग्स कॉल में बताया था कि कंपनी हर महीने 220,000-230,000 गाड़ियां बना रही है। इनमें से 170,000-180,000 यूनिट घरेलू बिक्री के लिए हैं जबकि 50,000 गाड़ियों का एक्सपोर्ट किया जा रहा है।
कंपनी अफ्रीका और पश्चिम एशिया के देशों को एक्सपोर्ट करती है। अगले फाइनेंशियल ईयर में दो नए प्लांट से उत्पादन शुरू होने पर हर महीने 20,000 ज्यादा गाड़ियां एक्सपोर्ट होंगी। सुजुकी की ग्लोबल सेल में मारुति की 56 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी का कहना है कि अगले साल भारत में 250,000 यूनिट के दो नए प्लांट्स से उत्पादन शुरू होगा।
हरियाणा के खरखौदा में सेकंड लाइन से पहली तिमाही में उत्पादन शुरू होगा जबकि गुजरात के हंसलपुर में चौथी लाइन दूसरी तिमाही में चालू होगी। कंपनी का कहना है कि अगर वेट टाइम लंबा होगा तो ग्राहक दूसरी कंपनियों का रुख कर सकते हैं। इसलिए इंवेंट्री लेवल को स्टैंडर्ड लेवल तक ले जाना जरूरी है।













