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  • ग्रीनलैंड पर ट्रंप को करारा जवाब, दादागिरी के खिलाफ खड़ा हुआ यूरोप, कहा- धमकियों से नहीं डरते

    पेरिस/लंदन: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के खिलाफ यूरोपीय देश तनकर खड़े हुए हैं। ब्रिटेन और फ्रांस ने नेताओं ने उस फैसले की निंदा की है जिसमें ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी प्रस्ताव का विरोध करने वाले देशों पर टैरिफ की धमकी दी है। ब्रिटेश के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने शनिवार


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    By Azad Hind Desk जनवरी 18, 2026
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    पेरिस/लंदन: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के खिलाफ यूरोपीय देश तनकर खड़े हुए हैं। ब्रिटेन और फ्रांस ने नेताओं ने उस फैसले की निंदा की है जिसमें ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी प्रस्ताव का विरोध करने वाले देशों पर टैरिफ की धमकी दी है। ब्रिटेश के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने शनिवार रात को कहा कि हमारी स्थिति साफ है- ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है और इसका भविष्य ग्रीनलैंड और डेनमार्क के लोगों का मामला है। स्टारमर ने टैरिफ को पूरी तरह गलत बताया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी इसे दोहराते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकियों को अस्वीकार्य बताया और कहा कि यूरोप इसका मिलकर जवाब देगा।

    फ्रांस ने धमकी को किया खारिज

    मैक्रों ने एक्स पर लिखा, ‘कोई भी धमकी या दबाव हमें प्रभावित नहीं करेगा। न यूक्रेन में, न ग्रीनलैंड में और न ही दुनिया में कहीं और। टैरिफ की धमकियां अस्वीकार्य हैं और इनकी यहां कोई जगह नहीं है। यूरोप जवाब देगा।’ स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने भी टैरिफ की धमकियों को पूरी तरह से खारिज कर दिया और यूरोपीय संप्रभुता की रक्षा करने की बात कही।

    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की शनिवार 18 जनवरी को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट ने सभी को हैरान कर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण का विरोध करने के लिए फरवरी से आठ यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाएंगे। ट्रंप ने लिखा कि डेनमार्क, नार्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड को टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि अगर ग्रीनलैंड पर कोई डील नहीं होती है तो 1 जून को यह बढ़कर 25 प्रतिशत हो जाएगा।

    ग्रीनलैंड ने समर्थन का किया स्वागत

    ब्रिटेन के दूसरे नेता भी ट्रंप के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं। गार्डियन के अनुसार, विपक्षी कंजर्वेटिट पार्टी ने भी ट्रंप के टैरिफ की कड़ी निंदा दी है। केमे बैडेनोच ने कहा कि टैरिफ की आलोचना करते हुए इस बात पर जोर किया कि ग्रीनलैंड की संप्रभुता सिर्फ ग्रीनलैंड के लोग तय कर सकते हैं। इस बीच ग्रीनलैंड ने यूरोपीय नेताओं की प्रतिक्रिया का स्वागत किया है। ग्रीनलैंड की प्राकृतिक संसाधन मंत्री नाजा नाथानिएलसन ने लिंक्डइन पर लिखा, इतने सारे देशों की शुरुआती प्रतिक्रिया से मैं अभिभूत हूं। मुझे उम्मीद है कि कूटनीति और गठबंधन सफल होंगे।

    ग्रीनलैंड पर ट्रंप की नजर

    ग्रीनलैंड आर्कटिक में स्थित एक द्वीप है, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा आइलैंड कहा जाता है। यह क्षेत्रफल में मेक्सिको से भी बड़ा है। इसकी आबादी लगभग 57000 है जो एक छोटे क्षेत्र में रहती है, क्योंकि अधिकांश हिस्सा हमेशा बर्फ से ढंका रहता है। सदियों से डेनमार्क का हिस्सा रहा है। इसे अर्ध-स्वायत्तशासी क्षेत्र का दर्जा हासिल है। डेनमार्क का संविधान इसे यह अधिकार देता है कि अगर वहां के लोग चाहें तो आजादी की घोषणा कर सकते हैं। अमेरिका के पास होने के चलते यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है।

    ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान पहली बार इस द्वीप को खरीदने का विचार रखा था। उन्होंने इसे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है और बार-बार इसे अपने देश में मिलाने की बात कही है। इस साल की शुरुआत में वेनेजुएला पर हमले के बाद ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप ने बयानबाजी तेज कर दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका का द्वीप पर कंट्रोल नहीं होगा तो रूस और चीन इस पर कब्जा कर लेंगे।

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