ब्रांड फाइनेंस सॉफ्ट पावर की लिस्ट में अमेरिका ने 100 में से 74.9 स्कोर के साथ टॉप पर जगह बनाई है। हालांकि अमेरिका इस बात से निराश होगा कि पिछले साल की तुलना में 4.6 अंकों की गिरावट उसके स्कोर में हुई है। अमेरिका के बाद चीन दूसरे स्थान पर है। चीन इस साल इंडेक्स में एकमात्र ऐसा देश है, जिसके सॉफ्ट पावर स्कोर में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई है। 35 नेशनल ब्रांड विशेषताओं में से 19 में चीन की रैंकिंग बेहतर हुई है। चीन का स्कोर 0.7 अंक बढ़कर 73.5 हो गया है। इससे अमेरिका से उसका अंतर 1.5 अंक से भी कम रह गया है।
पश्चिमी देशों के स्कोर में गिरावट
जापान इस लिस्ट में 70.6 के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर है। वहीं यूके 69.2 स्कोर के साथ चौथे स्थान पर रहा है। यूके के लिए यह इस इंडेक्स की शुरुआत के बाद से उसकी सबसे निचली रैंक है। दूसरे कई पश्चिमी देशों के स्कोर में भी गिरावट का ट्रेंड इस साल देखा गया है। इस वर्ष जर्मनी पांचवें (67.7 स्कोर) और फ्रांस छठवें (65.8 स्कोर) स्थान पर है।
स्विट्जरलैंड एक स्थान ऊपर चढ़कर सातवें स्थान पर आ गया है। स्विट्जरलैंड को उच्च स्तर के भरोसे, प्रभावी शासन और आर्थिक स्थिरता का फायदा मिला है। इन सभी कैटेगरी में वह पहले स्थान पर है। स्विट्जरलैंड का स्कोर 63.2 रहा है। लिस्ट में कनाडा आठवें (63.2 स्कोर), इटली नौवें (61.6) और संयुक्त अरब अमीरात 59.4 स्कोर के साथ दसवें नंबर पर है।
भारत की स्थिति अच्छी नहीं
भारत 48.0 के स्कोर के साथ इस फेहरिस्त में 32वें स्थान पर है। यह पिछले साल के मुकाबले दो स्थान नीचे और 1.8 अंक कम है। भारत ने पहचान (13वें), प्रभाव (17वें), और संस्कृति और विरासत (19वें) में मजबूती दिखाई है लेकिन शासन (100वें) और नेट पॉजिटिव प्रभाव (123वें) में भारी गिरावट ने उसे शीर्ष 30 से बाहर कर दिया। इस लिस्ट में पाकिस्तान का नंबर काफी नीचे 84वां है। इस लिस्ट सबसे निचले पायदान यानी 192 और 193 पर आए देश नारू और किरिबाती हैं। ये दोनों ओशिनिया के देश हैं।













