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  • चीन का ‘भुतिया विमान’ फिर लगाने लगा अंतरिक्ष से चक्कर, क्यों दुनिया से छिपा रहा ये मिशन? 3 डर जानें

    बीजिंग: चीन ने अपने गोपनीय रीयूज़ेबल स्पेस प्लेन को चौथी बार ऑर्बिट में लॉन्च किया है। यह बीजिंग की लगातार मजबूत होती स्पेस क्षमता का एक और उदाहरण है। लेकिन अभी तक इस बात की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है कि ये स्पेसक्राफ्ट असल में ऑर्बिट में कर क्या रहा है? स्पेस की दुनिया


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 24, 2026
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    बीजिंग: चीन ने अपने गोपनीय रीयूज़ेबल स्पेस प्लेन को चौथी बार ऑर्बिट में लॉन्च किया है। यह बीजिंग की लगातार मजबूत होती स्पेस क्षमता का एक और उदाहरण है। लेकिन अभी तक इस बात की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है कि ये स्पेसक्राफ्ट असल में ऑर्बिट में कर क्या रहा है? स्पेस की दुनिया में काम करने वाले वैज्ञानिक चीन के इस स्पेसक्राफ्ट को शेनलॉन्ग यानि ‘डिवाइन ड्रैगन’ कहते हैं। ये स्पेसक्राफ्ट 7 फरवरी को उत्तर-पश्चिम चीन के जिउक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से लॉन्ग मार्च-2F रॉकेट पर उड़ान भरी थी।

    हैरान करने वाली बात ये है कि ये स्पेसक्राफ्ट 2020 के बाद से ही भेजा जा रहा है, फिर भी चीन के ऑफिशियल सोर्स ने यान, उसके मकसद या यह ऑर्बिट में कितने समय तक रहेगा, इसके बारे में बहुत कम जानकारी दी है। दुनियाभर के स्पेस वैज्ञानिकों के लिए चीन का ये इस रहस्यमय विमान एक पहेली बना हुआ है। ताजा अपडेट रिपोर्ट्स के मुताबिक इसने 7 फरवरी 2026 को अपनी चौथी सफल लॉन्चिंग की है और यह अभी भी पृथ्वी की निचली कक्षा में घूम रहा है।

    चीन ने फिर ऑर्बिट में भेजा रहस्यमय स्पेसक्राफ्ट
    चीन के सरकारी मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इसे सरकार ने स्पेस प्लेन प्रोग्राम को टेक्नोलॉजी टेस्टिंग का हिस्सा बताया है, जो भविष्य में स्पेस के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के लिए ज्यादा आसान और सस्ते राउंड-ट्रिप तरीकों को सपोर्ट करेगा। लेकिन स्पेसक्राफ्ट के सही डिजाइन, पेलोड या ऑपरेशन्स जानकारियों के बारे में कुछ नहीं बताया गया है। इसीलिए कई एक्सपर्ट लगातार इस स्पेसक्राफ्ट पर नजर बनाए रखते हैं। इसके ऑर्बिटल ट्रैकिंग और सैटेलाइट डेटा जुटाने की कोशिश करते हैं। यह एक मानवरहित विमान है, जिसका बार बार इस्तेमाल हो सकता है। ये देखने में बहुत हद तक अमेरिका के X-37B स्पेस प्लेन जैसा लगता है।

    खास बात ये है कि यह रॉकेट (Long March 2F) के जरिए अंतरिक्ष में भेजा जाता है लेकिन वापस लौटते समय यह किसी सामान्य हवाई जहाज की तरह ही रनवे पर लैंड करता है। चीन ने आधिकारिक तौर पर सिर्फ इतना कहा है कि ये स्पेसक्राफ्ट “शांतिपूर्ण अंतरिक्ष उपयोग” और “तकनीकी परीक्षण” के लिए है। लेकिन कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

    चीनी सैटेलाइट्स को लेकर 3 वजहों से डर
    डर की पहली वजह- पिछले मिशनों (2023 और 2024) के दौरान देखा गया कि चीन ने अंतरिक्ष में 6 से 7 अज्ञात वस्तुएं छोड़ी थीं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ये छोटे सैटेलाइट हो सकते हैं जो जासूसी या सिग्नल टेस्टिंग के काम आते हैं।

    डर की दूसरी वजह- अमेरिकी ट्रैकर्स ने नोट किया है कि यह यान उत्तरी अमेरिका के ऊपर से गुजरते समय कुछ खास तरह के रेडियो सिग्नल भेजता है। तो क्या ये जासूसी मिशनों को अंजाम देता है?

    डर की तीसरी वजह- चीन ने इस विमान के डिजाइन, पेलोड या इसके मकसद के बारे में आज तक एक भी आधिकारिक फोटो या जानकारी साझा नहीं की है। क्या ये एक एंटी-सैटेलाइट हथियार है, फिलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता है। लेकिन जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक यह महीनों तक अंतरिक्ष में रह सकता है, जिससे इसे ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है।

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    बीजिंग: चीन ने अपने गोपनीय रीयूज़ेबल स्पेस प्लेन को चौथी बार ऑर्बिट में लॉन्च किया है। यह बीजिंग की लगातार मजबूत होती स्पेस क्षमता का एक और उदाहरण है। लेकिन अभी तक इस बात की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है कि ये स्पेसक्राफ्ट असल में ऑर्बिट में कर क्या रहा है? स्पेस की दुनिया


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    बीजिंग: चीन ने अपने गोपनीय रीयूज़ेबल स्पेस प्लेन को चौथी बार ऑर्बिट में लॉन्च किया है। यह बीजिंग की लगातार मजबूत होती स्पेस क्षमता का एक और उदाहरण है। लेकिन अभी तक इस बात की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है कि ये स्पेसक्राफ्ट असल में ऑर्बिट में कर क्या रहा है? स्पेस की दुनिया में काम करने वाले वैज्ञानिक चीन के इस स्पेसक्राफ्ट को शेनलॉन्ग यानि ‘डिवाइन ड्रैगन’ कहते हैं। ये स्पेसक्राफ्ट 7 फरवरी को उत्तर-पश्चिम चीन के जिउक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से लॉन्ग मार्च-2F रॉकेट पर उड़ान भरी थी।

    हैरान करने वाली बात ये है कि ये स्पेसक्राफ्ट 2020 के बाद से ही भेजा जा रहा है, फिर भी चीन के ऑफिशियल सोर्स ने यान, उसके मकसद या यह ऑर्बिट में कितने समय तक रहेगा, इसके बारे में बहुत कम जानकारी दी है। दुनियाभर के स्पेस वैज्ञानिकों के लिए चीन का ये इस रहस्यमय विमान एक पहेली बना हुआ है। ताजा अपडेट रिपोर्ट्स के मुताबिक इसने 7 फरवरी 2026 को अपनी चौथी सफल लॉन्चिंग की है और यह अभी भी पृथ्वी की निचली कक्षा में घूम रहा है।

    चीन ने फिर ऑर्बिट में भेजा रहस्यमय स्पेसक्राफ्ट
    चीन के सरकारी मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इसे सरकार ने स्पेस प्लेन प्रोग्राम को टेक्नोलॉजी टेस्टिंग का हिस्सा बताया है, जो भविष्य में स्पेस के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के लिए ज्यादा आसान और सस्ते राउंड-ट्रिप तरीकों को सपोर्ट करेगा। लेकिन स्पेसक्राफ्ट के सही डिजाइन, पेलोड या ऑपरेशन्स जानकारियों के बारे में कुछ नहीं बताया गया है। इसीलिए कई एक्सपर्ट लगातार इस स्पेसक्राफ्ट पर नजर बनाए रखते हैं। इसके ऑर्बिटल ट्रैकिंग और सैटेलाइट डेटा जुटाने की कोशिश करते हैं। यह एक मानवरहित विमान है, जिसका बार बार इस्तेमाल हो सकता है। ये देखने में बहुत हद तक अमेरिका के X-37B स्पेस प्लेन जैसा लगता है।

    खास बात ये है कि यह रॉकेट (Long March 2F) के जरिए अंतरिक्ष में भेजा जाता है लेकिन वापस लौटते समय यह किसी सामान्य हवाई जहाज की तरह ही रनवे पर लैंड करता है। चीन ने आधिकारिक तौर पर सिर्फ इतना कहा है कि ये स्पेसक्राफ्ट “शांतिपूर्ण अंतरिक्ष उपयोग” और “तकनीकी परीक्षण” के लिए है। लेकिन कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

    चीनी सैटेलाइट्स को लेकर 3 वजहों से डर
    डर की पहली वजह- पिछले मिशनों (2023 और 2024) के दौरान देखा गया कि चीन ने अंतरिक्ष में 6 से 7 अज्ञात वस्तुएं छोड़ी थीं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ये छोटे सैटेलाइट हो सकते हैं जो जासूसी या सिग्नल टेस्टिंग के काम आते हैं।

    डर की दूसरी वजह- अमेरिकी ट्रैकर्स ने नोट किया है कि यह यान उत्तरी अमेरिका के ऊपर से गुजरते समय कुछ खास तरह के रेडियो सिग्नल भेजता है। तो क्या ये जासूसी मिशनों को अंजाम देता है?

    डर की तीसरी वजह- चीन ने इस विमान के डिजाइन, पेलोड या इसके मकसद के बारे में आज तक एक भी आधिकारिक फोटो या जानकारी साझा नहीं की है। क्या ये एक एंटी-सैटेलाइट हथियार है, फिलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता है। लेकिन जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक यह महीनों तक अंतरिक्ष में रह सकता है, जिससे इसे ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है।

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