पिछले साल चीन ने ईरान से 3.04 अरब डॉलर का आयात किया। इस तरह चीन का ट्रेड सरप्लस 3.89 अरब डॉलर रहा जो 2022 के बाद सबसे कम है। ईरान के ट्रेड ने चीन की 33 फीसदी हिस्सेदारी है जबकि चीन के ट्रेड में ईरान की हिस्सेदारी एक फीसदी से भी कम है। यह स्थिति तब है जबकि चीन के क्रूड आयात में ईरानी तेल की हिस्सेदारी 13 फीसदी है। हालांकि ईरान के कुल ऑयल एक्सपोर्ट का 90 फीसदी चीन जाता है।
ईरान-इजरायल युद्ध का फायदा उठाने की तैयारी में चीन, कर रहा है तेल में बड़ा खेल?
ईरान में चीन का निवेश
चीन ने साल 2025 में ईरान के साथ 25 साल की एक डील की थी। इसके स्ट्रैटजिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट के तहत चीन को ईरान में 400 अरब डॉलर का निवेश करना था लेकिन इसमें अब तक केवल 2-3 अरब डॉलर का काम ही जमीन पर उतर पाया है। इस तरह ईरान में चीन का एक्सपोजर बहुत ज्यादा नहीं है। अमेरिका और पश्चिमी देशों ने ईरान पर कई तरह की पाबंदियां लगा रखी हैं जिससे वह अपना पूरा तेल नहीं बेच पाता है।











