कमल हासन ने लंबा पोस्ट लिखा लेकिन थलपति विजय या फिर उनकी फिल्म का जिक्र नहीं किया। कैप्शन में लिखा, ‘कला के लिए, कलाकारों के लिए, संविधान के लिए। भारत का संविधान अभिव्यक्ति की आजादी की गारंटी देता है। जो कारण पर निर्भर है और कभी कम नहीं होती। ये पल किसी भी फिल्म से कहीं ज्यादा बड़ा है। ये उस जगह को दिखाती है जो हम संवैधानिक लोकतंत्र में कला और कलाकारों को देते हैं। सिनेमा सिर्फ एक इंसान की मेहनत नहीं है। बल्कि राइटर्स, टेक्नीशियन्स, आर्टिस्ट्स, परफॉर्मर्स, एग्जीब्हीटर्स और छोटे बिजनेस का कलेक्टिव एफर्ट है, जिनकी आजीविका बिना किसी पक्षपात और समय से पूरे होने वाले प्रॉसेस पर डिपेंड करती है।’
‘जन नायकन’ पर कमल हासन की प्रतिक्रिया
कमस हासन ने आगे लिखा, ‘जब क्लैरिटी नहीं होती तो उसका असर क्रिएटिविटी पर पड़ता है। इकोनॉमिक एक्टिविटी प्रभावित होती हैं। लोगों का भरोसा कमजोर होता हैं। तमिलनाडु और भारतीय सिनेमा प्रेमी आर्ट के प्रति अपने जुनून, विवेक और मैच्योरिटी लाते हैं। वो सम्मान के हकदार हैं। अब जरूरी ये है कि सर्टिफिकेट प्रॉसेस पर अच्छे से विचार किया जाए। जिसमें सर्टिफिकेट समयसीमा तय हो। उसका जो मूल्यांकन हो वो पारदर्शी हो। उसमें जो भी कट या एडिट के लिए कहा जा रहा है, वो लिखित में हो और उसके बारे में सही कारण बताया जाए।’
कमल हासन ने पूरी इंडस्ट्री को साथ आने की कही बात
उन्होंने आगे कहा, ‘ये ऐसा पल है, जब पूरी फिल्म इंडस्ट्री को एक साथ आना चाहिए। और सरकारी संस्थानों के साथ बात करने भी समय है। अगर ऐसे बदलाव होंगे तो इससे संवैधानिक मूल्य कायम रहेंगे और रचनात्मक स्वतंत्रता की रक्षा करेंगे। कलाकारों और जनता में विश्वास की पुष्टि करके भारत के लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत करेंगे।’
रवि मोहन ने भी थलपति विजय का दिया साथ
इसके अलावा, एक्टर रवि मोहन ने भी विजय की फिल्म की रिलीज में देरी पर रिएक्ट किया। उन्होंने लिखा, ‘दिल टूट गया विजय अन्ना। एक भाई के रूप मैं आपके साथ खड़ा हूं, उन लाखों भाइयों में से एक, जो आफके साथ हैं। आपको तारीख की जरूरत नहीं। आप ही ओपनिंग हैं। जो भी कोई तारीख हो, पोंगल तभी शुरू होगा।’














