• Crime
  • जादुई शक्ति जैसी कोई चीज नहीं होती.. 11 साल की मासूम से गलत काम के बाद किया मर्डर, आरोपी दोषी करार

    नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में नाबालिग से अननैचुरल यौन उत्पीड़न और फिर मर्डर के मामले में अदालत ने आरोपी को हत्या का दोषी ठहराया है। दिल्ली की अदालत ने इस झकझोर देने वाले मामले में कहा कि जिस तरह से 11 साल की मासूम को चोट पहुंचाई गई, ये किसी भी परिस्थिति में किसी एडल्ट


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 25, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में नाबालिग से अननैचुरल यौन उत्पीड़न और फिर मर्डर के मामले में अदालत ने आरोपी को हत्या का दोषी ठहराया है। दिल्ली की अदालत ने इस झकझोर देने वाले मामले में कहा कि जिस तरह से 11 साल की मासूम को चोट पहुंचाई गई, ये किसी भी परिस्थिति में किसी एडल्ट की भी मौत का कारण बनने के लिए पर्याप्त थीं। ऐसे में कोर्ट ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता और यौन अपराधों से बाल संरक्षण अधिनियम के तहत दोषी करार दिया है।

    कैसे आरोपी की बढ़ी मुश्किलें

    एडिशनल सेशंस जज अमित सहरावत ने पूरे मामले को सुनने के बाद इस बात पर जोर दिया कि अभियोजन पक्ष ने परिस्थितियों की एक पूर्ण और सुसंगत कड़ी स्थापित की है जो स्पष्ट रूप से आरोपी के अपराध की ओर इशारा करती है। मेडिकल और फोरेंसिक सबूतों की जांच के बाद, अदालत ने माना कि पूरा मामला स्पष्ट है। ऐसा इसलिए क्योंकि ऐसी घटनाओं में कोई भी कड़ी गुम नहीं है। अदालत ने पाया कि सभी तथ्यों पर एक साथ विचार करने पर ये पता चल रहा कि आरोपी नाबालिग को अपने साथ ले गया। पहले उसका यौन उत्पीड़न किया और फिर हत्या कर दी

    क्या था पूरा मामला

    आदित्य कुमार के नेतृत्व में अभियोजन पक्ष के अनुसार, 11 साल की मासूम 2 जनवरी, 2019 को शाम लगभग 6 बजे पिता के घर लौटने के बाद से लापता हो गई थी। पड़ताल के दौरान, पिता की मुलाकात आरोपी करमवीर सिंह से हुई, जिसने खोज में सहयोग किया और रात 9:30 बजे अपहरण का मामला दर्ज किया गया। अगली सुबह, करमवीर सिंह ने दावा किया कि उसके पास जादुई शक्तियां हैं। उसने नरेला रेलवे लाइन के पास एक जगह पर नाबालिग के होने की आशंका जताई।

    सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा

    आरोपी करमवीर के इस खुलासे के बाद परिवार बच्चे को तलाशते हुए उस जगह पहुंचा, जहां उसने नाबालिग के होने का दावा किया था। परिवार को जांच में वहां पर बच्चे शव एक जर्जर इमारत में मिला। बाद में पुलिस ने जांच करते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें आरोपी बच्चे को एक मिठाई की दुकान से नरेला रेलवे स्टेशन की ओर ले जाते हुए देखा गया। इसी के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और उसने पुलिस को खून से सने कपड़े और एक चाकू बरामद करने में मदद की।

    ऐसे आरोपी पर कसा शिकंजा

    फोरेंसिक रिपोर्ट ने नाबालिग के जैकेट, तौलिये, अंडरवियर और बरामद चाकू पर आरोपी के खून की मौजूदगी की पुष्टि की। इसी के बाद आरोपी को पकड़ा गया। उसके ज्ञान को अलौकिक शक्तियों से जोड़ने वाली बचाव पक्ष की दलीलों को कोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि जादुई शक्ति जैसी कोई चीज नहीं होती और ये सब अंधविश्वास हैं जिनका कानून में कोई महत्व नहीं है।

    अदालत ने फैसले में क्या कुछ कहा जानिए

    जज अमित सहरावत ने इस दावे की तर्कसंगतता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर वह पहले से ही स्थान जानता था, तो उसे शुरू से ही तलाशी दल में शामिल होने का कोई कारण नहीं था। पीड़ित पिता के आरोपों को बचाव पक्ष ने खारिज किया। हालांकि, अदालत ने कहा कि जिस पिता ने अपने बच्चा खोया है, वह हमेशा अपने मृत बच्चे के लिए न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा। यह तर्कसंगत नहीं है कि कोई पिता असली अपराधी को छोड़कर किसी व्यक्ति को झूठे आरोप में फंसाने की कोशिश नहीं करेगा।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।