ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में कतर और तुर्की के विदेश मंत्रियों को शामिल किया गया है। इजरायल ने गाजा में तुर्की की किसी भी भूमिका का विरोध किया है। इसके साथ ही वह कतर को भी हमास के समर्थक के रूप में देखता है। इस बीच अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से इजरायली न्यूज चैनल N12 ने बताया कि गाजा के बोर्ड ऑफ पीस में कतर और तुर्की की मौजूदगी के बारे में इजरायल को पहले से सूचित नहीं किया गया था।
गाजा पर अमेरिका का शो
अधिकारियों ने N12 को बताया, हमने नेतन्याहू को कार्यकारी समिति की संरचना के बारे में पहले नहीं बताया था। अधिकारियों ने साफ कहा कि ‘गाजा अब हमारा शो है, उनका (नेतन्याहू) नहीं। अगर वह चाहते हैं कि ट्रंप प्रशासन गाजा से निपटे, तो हम इसे अपने तरीके से करेंगे।’
वहीं, इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया है कि नेतन्याहू ने विदेश मंत्री गिदोन सार से इस मामले को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ उठाने के लिए कहा है। लेकिन ट्रंप प्रशासन की घोषणा के बाद इजरायल में हलचल मच गई है। इजरायली राजनेताओं ने बोर्ड ऑफ पीस की घोषणा की आलोचना की है। विपक्षी नेता याएर लैपिड ने इसे इजरायल के लिए एक राजनयिक विफलता बताया।
विपक्ष के निशाने पर नेतन्याहू
लैपिड ने दावा किया कि पिछले एक साल से वह सरकार को चेतावनी दे रहे हैं कि अगर आप अमेरिका और दुनिया के साथ मिस्र के समाधान को आगे नहीं बढ़ाते हैं तो आप गाजा में तुर्की और कतर के साथ खत्म होंगे। उन्होंने एक्स पर लिखा कि बोर्ड ऑफ पीस में कतर है, तुर्की है और जोर दिया कि गाजा में भी हमास के 30000 सशस्त्र लड़ाके हैं। उन्होंने आगे कहा, यह IDF के सैनिकों और कमांडरों की अंतहीन वीरता और बलिदान के बाद नेतन्याहू सरकार की एक पूरी तरह से राजनयिक विफलता है।













