उन्होंने कहा, ‘ईरान पर बहुत अच्छी बातचीत हुई। ऐसा लगता है कि ईरान डील करने के लिए बुरी तरह से बेकरार है। यह (डील) पिछली बार से अलग होगी। हमारा एक विशाल बेड़ा उस दिशा में जा रहा है और वह बहुत जल्दी वहां पहुंच जाएगा। ‘ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि उन्हें सही पोजीशन में आना होगा और कहा कि हमारे पास काफी समय है।
ईरान को ट्रंप की धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे चेतावनी देने वाले अंदाज में कहा, ‘हमारी ईरान के साथ बहुत अच्छी बात हुई है। हमारी रूस और यूक्रेन के साथ भी अच्छी बात हुई है। ईरान डील करना चाहता है और उन्हें करनी भी चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें नतीजे पता हैं।’ ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि किसी भी डील के लिए मुख्य शर्त यह होगी कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न करे।
ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता में क्या हुआ?
ईरान और अमेरिकी अधिकारी परमाणु वार्ता के लिए शुक्रवार को ओमान की राजधानी मस्कट में मिले थे। बातचीत में ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हिस्सा लिया, वहीं अमेरकी पक्ष से विदेश दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर शामिल थे। बातचीत के बाद विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि किसी भी बातचीत के लिए धमकियों और दबाव से बचना जरूरी है। उन्होंने साफ किया कि तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम के अलावा किसी मुद्दे पर बात नहीं करेगा। इसके पहले रिपोर्टों में कहा गया था कि अमेरिका ने ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को भी बातचीत में शामिल करने की कोशिश की थी लेकिन तेहरान ने साफ इनकार कर दिया।













