द संडे गार्जियन को दिए इंटरव्यू में जेफरी सैक्स ने कई बातें कही हैं। उनका मानना है कि संयुक्त राष्ट्र कमजोर हुआ है क्योंकि दूसरी बड़ी ताकतें अमेरिका की मनमानी का सामना करने में नाकाम हैं। इससे 1945 के बाद की व्यवस्था खतरे में आ गई है। जैफरी ने गैर-पश्चिमी दुनिया खासतौर से भारत और BRICS देशों से अपील की है कि वे संयुक्त राष्ट्र चार्टर की रक्षा का काम करें और अमेरिका की टकराव की रणनीतियों में ना फंसें।
संयुक्त राष्ट्र को बचाने की जरूरत
जेफरी ने कहा, ‘अमेरिका ने यूएन को बहुत नुकसान पहुंचाया है। हालांकि अभी यह संस्था पूरी तरह खत्म नहीं हुई है लेकिन बहुत देर होने से पहले इसे बचाने की जरूरत है। BRICS को इसके बचाव में एक अहम भूमिका निभानी चाहिए। इस साल BRICS की अध्यक्षता भारत के पास है। मैं ब्रिक्स के देशों को तीन सुझाव देना चाहता हूं।
पहला- BRICS को एक समूह के तौर पर अमेरिका की एकतरफा नीतियों की निंदा करे और बोर्ड ऑफ पीस जैसी नीतियों को खारिज कर दे। दूसरा- BRICS को समूह के तौर पर UN सुरक्षा परिषद में स्थायी सीटों के लिए भारत और ब्राजील का समर्थन करना चाहिए, ताकि अमेरिकी दबदबे को संतुलित किया जा सके। तीसरा- भारत को क्वाड छोड़ देना चाहिए, ताकि अमेरिका अपनी चीन विरोधी नीतियों में भारत का इस्तेमाल ना कर सके।
डोनाल्ड ट्रंप ने पर्दा हटा दिया है
डोनाल्ड ट्रंप के वेनेजुएला में हमले और ग्रीनलैंड-ईरान को हमले को धमकियों के सवाल पर जेफरी ने कहा, ‘ट्रंप वह कह रहे हैं जो पहले सिर्फ निजी तौर पर या छुपकर बोला जाता था। अमेरिकी विदेश नीति अब एक खुली गुंडागर्दी है। बाकी दुनिया UN के सिद्धांतों पर चलकर और एकजुट होकर अमेरिकी मिलिट्रीवाद के खिलाफ आवाज उठा सकती है। दुनिया को तुरंत इस पर सोचना और अमल करना होगा।’














