पीपल्स ग्रेट हॉल में शी जिनपिंग के साथ मुलाकात में कार्नी ने कहा कि हम मिलकर इस रिश्ते की पिछली अच्छी बातों को आगे बढ़ा सकते हैं। ताकि नई वैश्विक वास्तविकताओं के हिसाब से एक नया रिश्ता बनाया जा सके। कार्नी ने कहा कि ये सहयोग हमारी नई रणनीतिक साझेदारी की नींव बनेंगे और कृषि, ऊर्जा, वित्त क्षेत्र में अवसर प्रदान करेंगे।
कार्नी के दौरे के पीछे का गणित
कार्नी ने शुक्रवार को कनाडा और चीन के शुरुआती व्यापार समझौते पर पहुंचने की जानकारी दी है। इस डील का मकसद टैरिफ कम करना है, जिसमें चीन से 49,000 इलेक्ट्रिक वाहन रियायती टैरिफ दरों पर आयात करना शामिल है। डोनाल्ड ट्रंप के कनाडाई सामानों पर टैरिफ बढ़ाने के बाद कार्नी ने अमेरिका पर कनाडा की निर्भरता कम करने की कोशिश के तहत चीन से संबंध ठीक करने की कोशिश की है।
द गार्डियन की रिपोर्ट कहती है कि कार्नी की चीन की राजकीय यात्रा ‘डिप्लोमैटिक कैलकुलेशन’ का नतीजा है। यह अमेरिका के साथ कनाडा के ट्रेड वॉर और ट्रेडिंग पार्टनर से बढ़ते आर्थिक दबाव को कम करने के लिए एक्सपोर्ट बढ़ाने की जरूरत को दिखाती है। चीन-कनाडा ने लंबे समय से अटके क्लीन एनर्जी और फॉसिल फ्यूल पर सहयोग करने के लिए एक समझौते पर साइन किए हैं।
चीन-कनाडा में समझौते
क्लीन एनर्जी और फॉसिल फ्यूल पर समझौता कनाडा के लिए चीन से ज्यादा क्लीन-एनर्जी टेक्नोलॉजी इंपोर्ट करने का रास्ता खोलता है। साय़ ही चीनी बाजार में कनाडाई फॉसिल फ्यूल एक्सपोर्ट की संभावना बढ़ाता है, जो कार्नी की गैर-अमेरिकी एक्सपोर्ट को दोगुना करने की कोशिश का हिस्सा है। चीनी राष्ट्रपति शी ने कार्नी का स्वागत करते हुए कहा कि सहयोग बहाल करने के प्रयासों को देखकर वह खुश हैं।
कनाडा और चीन के संबंध साल 2018 में खराब हो गए थे। उस समय कनाडा ने अमेरिकी वारंट पर हुआवेई की चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर मेंग वानझोउ को गिरफ्तार किया। जवाब में चीन ने जासूसी के आरोपों में दो कनाडाई नागरिकों को हिरासत में लिया था। इसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के एक्सपोर्ट पर टैरिफ लगाए। चीन पर कनाडा के चुनावों में दखल देने का भी आरोप लगा।
कार्नी की बदलाव की कोशिश
कनाडा और चीन ने 2018 के बाद रिश्ते में आए तनाव को भुलाते हुए आगे बढ़ने का फैसला लिया है। खासतौर से अमेरिका से तनातनी के बाद मार्क कार्नी ने एक स्ट्रेटेजिक बदलाव की कोशिश की है। इसमें बीजिंग से भी सकारात्मक संदेश मिला है। मार्क कार्नी ने जिनपिंग के अलावा चीन के प्रीमियर ली कियांग से भी मुलाकात की है।
कनाडा पारंपरिक रूप से अमेरिका का सहयोगी है लेकिन दोनों देशों के रिश्ते में ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद तनाव है। ट्रंप ने कनाडा के स्टील, एल्युमिनियम, गाड़ियों और लकड़ी पर भारी टैरिफ लगाया है। इससे कनाडा को नुकसान हुआ है। ऐसे में कार्नी सरकार अमेरिका पर निर्भरता कम करने के लिए काम कर रही है। हालांकि अमेरिका अभी तक उसका सबसे बड़ा बाजार है।













