यहां पहुंचने के साथ ही प्रतिनिधिमंडल पुलिस मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक करेगा। इस बैठक में जम्मू- कश्मीर में मौजूदा सुरक्षा स्थिति का आकलन किया जाएगा। मीटिंग में इसके साथ ही पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान स्थित हैंडलरों द्वारा ड्रोन गतिविधियों और घुसपैठ के रास्तों से आतंकियों और हथियारों को भेजने की कोशिशों की समीक्षा की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, समीक्षा मुख्य रूप से डोडा, किश्तवाड़, कठुआ और उधमपुर जैसे जिलों के पहाड़ी और वन क्षेत्रों में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों पर केंद्रित होगी, जहां सुरक्षा बल आतंकवादियों को ट्रैक करने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए निरंतर अभियान चला रहे हैं। घुसपैठ विरोधी ग्रिड को मजबूत करने और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी चर्चा की जाएगी।
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के दूरदराज के गांवों में आतंकवादियों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए सुरक्षा बलों ने बुधवार को तलाशी अभियान तेज करते हुए घेराबंदी का दायरा बढ़ा दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मंगलवार को बिलावर तहसील के नाजोटे जंगली क्षेत्र में एक आतंकवादवादी की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद जब सुरक्षा बलों ने अभियान शुरू किया, तो कई बार गोलियों की आवाज सुनाई दी।














