पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हाल ही में रक्षा समझौता हुआ है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान पर हमला सऊदी अरब पर हमला माना जाएगा। हाल ही में सऊदी अरब के हस्तक्षेप के बाद तालिबान ने रमजान का ध्यान रखते हुए पाकिस्तान के कुछ सैनिकों को रिहा भी किया है। माना जा रहा है कि एक बार फिर से पाकिस्तान चाहता है कि तनाव को खत्म कराने के लिए सऊदी अरब हस्तक्षेप करे। पाकिस्तान ने सऊदी प्रिंस से अनुरोध किया है कि वह तनाव को कम करके क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता की रक्षा करें। इस बीच इशाक डार के सऊदी प्रिंस को फोन करने पर कई पाकिस्तानी सवाल भी उठा रहे हैं।
ईरान ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान को दिया मध्यस्थता का प्रस्ताव
इस बीच तालिबान से जुड़े अफगान मीडिया समूह हुर्रियत का दावा है कि पाकिस्तान ने न केवल सऊदी अरब बल्कि दुनिया के कई और देशों से इस लड़ाई को बंद कराने की गुहार लगाई है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने ओमान और कतर के नेताओं से भी अनुरोध किया है कि वे अफगान सेना को और ज्यादा हमला करने से रोकें। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि पाकिस्तान और तालिबान दोनों ही देश संयम बरतें और एकता को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि तालिबान और पाकिस्तान दोनों अपने मतभेदों का समाधान बातचीत के जरिए करें। ईरान इस बातचीत के लिए किसी भी तरह की मदद देने के लिए तैयार है।
ईरान का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वह पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों का ही पड़ोसी देश है। इस बीच तालिबानी सेना का दावा है कि उसने जवाबी हमले में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान पहुंचाया है। डूरंड लाइन पर हुई लड़ाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और उन्होंने 23 शव भी बरामद कर लिया है। तालिबान ने दावा किया है कि उसने 19 पाकिस्तानी चौकियों को तबाह कर दिया है। उन्होंने इसके कुछ कथित वीडियो भी जारी किए हैं। इस दौरान भारी मात्रा में गोला बारूद भी बरामद किया गया है।
पाकिस्तान का ऑपरेशन गजब लिल हक क्या है?
वहीं पाकिस्तान ने दावा किया है कि 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए हैं और 200 से ज्यादा घायल हुए हैं। पाकिस्तानी सेना ने काबुल समेत कई अफगान शहरों पर हवाई हमला किया है। पाकिस्तान ने इसको ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ नाम दिया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पुष्टि की कि यह अभियान जारी है और कहा कि सशस्त्र बल अफगान तालिबान की आक्रामकता का कड़ा जवाब दे रहे हैं। उन्होंने बताया, ‘काबुल, पकतिया और कंधार में अफगान तालिबान के रक्षा ठिकानों को निशाना बनाया गया है और हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है।’ उनके अनुसार अफगान तालिबान शासन की कम से कम 27 चौकियां नष्ट कर दी गईं, जबकि नौ अन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया गया। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी कहा कि पाकिस्तान की जनता और सशस्त्र बल देश की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हमेशा तैयार हैं।














