सतीश कौशिक के निर्देशन में बनी सलमान खान के राधे मोहन के किरदार वाली यह फिल्म अपनी जबरदस्त पॉप्युलैरिटी और गानों के बावजूद हिट होने से थोड़ी दूर रह गई थी। हालांकि, अगर देखा जाए तो प्यार में जुनून की हदें पार करने वाली इस फिल्म में नफरत करने के लिए चीजें कम नहीं थीं।
बड़े पर्दे पर लोगों को एर हीरो का ऐसा चेहरा दिखाया जिससे डर भी
हाल के बरसों में सिनेमा में जुनून और प्रेम के बीच की रेखाएं धुंधली होती जा रही हैं जहां प्यार एक पागलपन की तरह दिखाया जा रहा है। अब अगर बात ‘कबीर सिंह’ से लेकर ‘कुंदन’ (रांझना), ‘शंकर’ (तेरे इश्क में) और ‘विक्रमादित्य’ (एक दीवाने की दीवानियत) और ‘एनिमल’ के रणविजय सिंह बलबीर जैसे किरदारों की करें तो सलमान की ये कहानी इन सबसे काफी पुरानी है, जिसमें प्यार के हद में वो पागलपन दिखाया है जिससे कई बार लोग नफरत करने लगते हैं। ‘राधे’ की कहानी कहीं न कहीं दिलों को झकझोरती जरूर है। ‘तेरे नाम’ के राधे ने बरसों पहले बड़े पर्दे पर लोगों को एक हीरो का ऐसा चेहरा दिखाया जिससे डर भी लगता है और आखिर में उसे प्यार नहीं बल्कि दया मिलती है।
‘मुझे इस रोल से डर लगने लगा था’
यहां ये भी बता दें कि सलमान ने अपने एक इंटरव्यू में खुद बताया था कि कैसे करीब दो दशक पहले निभाए इस किरदार से उनको भी डर लगने लगा था। ये किरदार सलमान को कभी पसंद भी नहीं आया था। सलमान ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मुझे इस रोल से डर लगने लगा था। दरअसल फिल्म तेरे नाम में सलमान खान ने एक ऐसे लड़के का किरदार निभाया था जो एक लड़की के प्यार में इतना अग्रेसिव हो जाता है कि खुद तक को चोट पहुंचाने लगता है। आखिर में ये किरदार पूरी तरह से पागल हो जाता है।’
सलमान ने कहा था- कभी राधे के किरदार को फॉलो ना करें
सलमान खान ने अपने फैन्स को सलाह भी दी थी कि इस फिल्म को देखें, एन्जॉय करें लेकिन कभी राधे के किरदार को फॉलो ना करें। उन्होंने कहा था कि किसी लड़की के प्यार में इस हद तक पागल होना ठीक नहीं है।
‘राधे उसे बांधकर रखता है, धमकाता भी है’
इस फिल्म ‘तेरे नाम’ में भी राधे सर्फ निर्जरा (भूमिका चावला) का पीछा ही नहीं करता, बल्कि उसे अगवा भी कर लेता है क्योंकि वह उसके प्यार का जवाब नहीं देती। राधे उसे बांधकर रखता है, धमकाता भी है। राधे इस फिल्म में हीरो तो है लेकिन वो सारे काम करता है जो फिल्मों में एक विलन के लिए तय होता है। अब अगर किसी भी रियल लाइफ की बात करें और ऐसा होता है तो ऐसे रिश्ते लगभग खत्म हो जाने चाहिए और यहां तक कि कानूनी कार्रवाई की भी जरूरत पड़ सकती है। लेकिन राधे की दुनिया में ऐसा नहीं है, यहां लड़की न केवल उसे माफ कर देती है बल्कि उसके तथाकथित बड़े दिल वाले लड़के और उसके अच्छे कामों के लिए भी उससे प्यार करने लगती है। इतना ही नहीं, ‘तेरे नाम’ में एक ऐसा सीन है जहां वो राधे को गलत समझने के लिए उससे माफी मांगती है। आखिर में कहानी ये मेसेज देती है कि अगर किसी पुरुष की नीयत सही हो तो उसकी हिंसा भी जायज है।
राधे मानसिक रूप से टूट जाता है
फिल्म के पहले हिस्से में कुछ ऐसे सीन हैं जो दिमाग हिला दे। एक कॉलेज कैंपस में एक उम्मीदवार इस वादे पर चुनाव जीतता है कि लड़कियों को आंख मारने वाले लड़कों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस कैंपस में शेर की तरह दहाड़ने वाला राधे का मानना है कि ‘इश्क में ना का मतलब तो हां होता है’ और इसे वो गाने के तौर पर गाता भी है। वहीं फिल्म का दूसरा हिस्सा पूरी कहानी को और मुश्किल बना देता हा जब राधे मानसिक रूप से टूट जाता है और उसके हालात देखकर लोगों को उससे सहानुभूति होने लगती है और उसके पुराने सारे गलत काम धुंधले पड़ जाते हैं। फिल्म में उसका नसीब एक दुखद मोड़ ले लेता है जो उसकी गलतियों से उसे हमेशा के लिए आजाद कर देता है।
बिना सवाल किए स्वीकार कर लिया था
फिल्म की पूरी कहानी प्यार में आज के दौर में किसी खतरे से कम नहीं। साल 2003 में जब यह फिल्म रिलीज़ हुई थी, तब न सोशल मीडिया था और न लोग ज्यादा ऐसी चीजों पर रिएक्ट करते थे। यहां प्यार और रोमांस में हिंसा ने कुछ इस तरह से जगह बनाई है जिसे देखकर बेचैनी बढ़ने लगती है। तब लोगों ने इसे बिना सवाल किए स्वीकार कर लिया था। अब साल 2026 में इस फिल्म को फिर से रिलीज़ करना एक बड़ी बात है क्योंकि अब लोगों के पास सबसे बड़ा हथियार सोशल मीडिया है। चूंकि आज के दर्शक एक हेल्दी रिलेशनशिप को लेकर अधिक जागरूक हैं और अब ऐसे में इस फिल्म को बड़े पर्दे पर दोबारा रिलीज करना किसी खतरे से कम नहीं।
‘अब्दुल कलाम साहब से प्रेरित था’
वहीं सलमान ने अपने इस किरदार से खुद डरने की बात कही थी। उन्होंने अपने लुक पर बातें की थी और कहा था, ‘ये तेरे नाम का जो लुक है, वो असल में अब्दुल कलाम साहब से प्रेरित था।’ सलमान ने कपिल शर्मा के शो पर बातचीत के दौरान ये बातें कही थीं। उन्होंने ये भी कहा था कि राहुल रॉय का हेयरस्टाइल पहले ऐसा ही था, लेकिन तेरे नाम के लिए उन्होंने एक छोटे शहर के किरदार की कल्पना की जिसके बाल लंबे हों। उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने सोचा कि छोटे शहरों के हीरो हमेशा लंबे बालों वाले होते हैं। पुराने जमाने के सभी हीरो भी लंबे बाल रखते थे – प्रेरणा वहीं से मिली।’
1999 में बनी तमिल फिल्म ‘सेतु’ की रीमेक
दिवंगत सतीश कौशिक द्वारा निर्देशित फिल्म ‘तेरे नाम’ 2003 में रिलीज हुई थी, जिसमें सलमान खान ने राधे और भूमिका चावला ने निर्जला का किरदार निभाया था। यह 1999 में बनी तमिल फिल्म ‘सेतु’ की रीमेक फिल्म थी। इस फिल्म में विक्रम लीड रोल में थे। हालांकि फिल्म को दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली, लेकिन सलमान के दमदार एक्टिंग और म्यूजिक के लिए इसे एक कल्ट फिल्म बना डाली। इस फिल्म से भूमिका चावला ने हिंदी सिनेमा में कदम रखा था।














