₹61000 एक रात का किराया, बेसमेंट में कंक्रीट के फर्श पर गुजर रही रात, ईरान हमले के बाद दुबई में होटल का बदला नजारा
तेल में कितनी तेजी?
- सोमवार को कच्चे तेल में 10% से ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।
- अमेरिकी कच्चे तेल (WTI) में भी तेजी आई। यह करीब 7.5% चढ़कर 72 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
- दुनिया के लगभग 20% समुद्री तेल व्यापार का रास्ता माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी सभी की नजरें टिकी हैं। अभी यह जलमार्ग बंद नहीं हुआ है, लेकिन टैंकरों की आवाजाही प्रभावित बताई जा रही है।
सोना-चांदी उछले
- मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण सोमवार को सोना-चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी आई।
- एमसीएक्स पर सोमवार शाम 7 बजे अप्रैल डिलीवरी वाला सोना प्रति 10 ग्राम 7541 रुपये की तेजी के साथ 1,69,645 रुपये पर था।
- मई डिलीवरी वाली चांदी 13,489 रुपये प्रति किलोग्राम के उछाल के साथ 2,96,133 रुपये पर कारोबार कर रही थी।
अमेरिकी डॉलर ने मारी छलांग
- करेंसी बाजार में अमेरिकी डॉलर सबसे मजबूत रहा। यूरो और पाउंड दोनों में करीब 0.7% की गिरावट दर्ज की गई। डॉलर के मुताबिक भारतीय रुपया भी गिर गया।
- डॉलर जापानी येन और स्विस फ्रैंक के मुकाबले भी मजबूत हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक संकट के समय डॉलर की पारंपरिक ‘सेफ हेवन’ भूमिका फिर से मजबूत हुई है।
शेयर बाजार हुए धड़ाम
- सोमवार को दुनियाभर के शेयर बाजार में गिरावट रही। बीएसई सेंसेक्स 1048.34 अंकों की गिरावट के साथ 80,238.85 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 भी 300 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया।
- यूरोप का प्रमुख सूचकांक STOXX 600 करीब 1.3% गिरा। अमेरिकी एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 1% की कमजोरी रही। बैंकिंग और ट्रैवल सेक्टर के शेयरों में तेज गिरावट आई, जबकि टेक्नोलॉजी शेयरों में भी बिकवाली देखी गई।
महंगाई बढ़ने का कितना खतरा?
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई चार सप्ताह तक चल सकती है। वहीं एक्सपर्ट के चेतावनी दी है कि तनाव के लंबे समय तक चलने के कारण तेल की कीमतें 100 या 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। ऐसे में दुनियाभर में महंगाई फिर से भड़क सकती है।













