डीसीपी (क्राइम) संजीव कुमार यादव के मुताबिक, एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने एक गैंग ने कथित रूप से रिश्वत लेते हुए विडियो वायरल करने की धमकी देकर एक लाख 20 हजार रुपये की वसूली करने की शिकायत दी थी। एसीपी संजय नागपाल की देखरेख में बनी इंस्पेक्टर अरुण सिंधू की लीडरशिप में बनी SI अमित चौधरी, ASI गौरव त्यागी, शशिकांत, रविंदर भाटी और हेड कॉन्स्टेबल मनोज कुमार की टीम ने जांच शुरू की। सरगना पूजा गैंग के मेंबर सचिन, सुमित और एक अन्य लड़की के साथ दिल्ली आती थी। ट्रैफिक स्टाफ की स्पाई कैमरों से रोड पर पैसे लेते हु विडियो बनाती थी। सचिन एडिट कर इसे रिश्वत लेने जैसा बनाता था। आमिर चौधरी अफसरों को भेजने की धमकी देता था।
कॉन्स्टेबल पति भी शक के दायरे में
पुलिस अफसरों के मुताबिक, सरगना पूजा का चेहरा किसी भी पीड़ित पुलिस वाले ने आज तक नहीं देखा था। वह जबरन वसूली के लिए अपने गैंग की लड़कियों को भेजती थी, जिनका चेहरा ढका हुआ होता था। पूजा ने कॉल करने के लिए अलग नंबर ले रखे थे। वह इस पूरे सिंडिकेट को बैकग्राउंड में रह कर चला रही थी। शक है कि इस पूरे सिंडिकेट के पीछे पूजा का सिपाही पति भी हो सकता है। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है। पुलिस गैंग के अन्य मेंबरों की तलाश भी कर रही है।
3 गिरोह के 15 आरोपियों को दबोचा
करीब एक दशक से दिल्ली में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से मोटी रकम ऐंठने में सक्रिय 3 गिरोह के 15 मेंबरों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। ब्लैकमेल करने वाले भजनपुरा के राजकुमार उर्फ राजू मीणा के गैंग पर मकोका लगाया है । अपने स्टीकर बना ट्रांसपोर्टर्स और ड्राइवरों को बेचने वाले जीशान अली गैंग को भी दिसंबर 2025 में पकड़ा गया। गैंग के बेचे स्टीकर लगी गाड़ियों को रोकने वाले ट्रैफिक पुलिस वालों के खिलाफ कंप्लेंट कर ब्लैकमेल किया जाता था।













