एडिशनल सीपी भीष्म सिंह के मुताबिक, 12 फरवरी की सुबह लगभग 8:30 बजे थाना आदर्श नगर को पीसीआर कॉल मिली। इसमें मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के पास एक नाबालिग का शव पड़े होने की सूचना थी। टीम फौरन रोड नंबर-51 के साथ स्थित मजलिस पार्क मेट्रो पार्किंग स्थल पर पहुंची, जहां मेट्रो दीवार के पास एक जला हुआ अज्ञात शव मिला। शव की पहचान बाद पुलिस ने कहा, पुराने विवाद का बदला लेने के मकसद से हत्या की साजिश रची गई थी।
नाबालिग मृतक भी मर्डर में रह चुका था शामिल
शव की पहचान बाद में विष्णु निवासी जेलर वाला बाग, अशोक विहार फेज-II के रूप में हुई। 16 फरवरी को मृतक की बहन रोशनी का बयान दर्ज किया गया, जिसमें उसने बताया कि उसका भाई विष्णु अगस्त 2025 में दीपक नाम के शख्स की हत्या के मामले में शामिल था। जिसके कारण उसे जुवेनाइल होम भेजा गया था। 31 जनवरी को जमानत पर वह रिहा हुआ। हाल के दिनों में वह परेशान दिख रहा था।
उसने बताया था कि आजादपुर निवासी गौरव उर्फ कालिया और उसके साथी उसे जान से मारने की धमकी दे रहे है। 11 फरवरी को विष्णु घर से निकला और वापस नहीं आया। उसका मोबाइल फोन भी बंद था। पुलिस ने जांच के आधार पर 17 फरवरी को सूचना के आधार पर आरोपी विनय को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल स्कूटी बरामद की गई।
कालिया ने विष्णु की हत्या की बात स्वीकार की
पूछताछ के दौरान विनय ने अपने साथी गौरव उर्फ कालिया के साथ मिलकर विष्णु की हत्या करने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर गौरव को गिरफ्तार किया गया। आरोपी गौरव, मृतक दीपक का पड़ोसी था और उसे अपना चाचा मानता था। 11 फरवरी की रात लगभग 10:45 बजे शराब पीने के दौरान विष्णु ने दीपक की हत्या में अपना जुर्म कबूल कर लिया।
गौरव को भी जान से मारने की बात कही। इसकी वजह से गुस्से में गौरव उर्फ कालिया ने अपने साथी विनय के साथ मिलकर विष्णु की हत्या की साजिश रची। योजना के तहत दोनों ने पत्थर से विष्णु के सिर पर कई वार किए। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के मकसद से दोनों ने पेट्रोल डालकर आग लगा दी।














