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  • दिल्ली: रील बनाने के चक्कर में नाले में गिर गई कोरियोग्राफर, 45 मिनट तक जिंदगी-मौत से जूझती रही, ऐसे बची जान

    नवीन निश्चल, नई दिल्ली: रील बनाकर व्यूज, लाइक बटोरने के चक्कर में कई बार जानलेवा हादसे हो चुके हैं कई की जन तक जा चुकी है तो कई को किस्मत का साथ मिल गया। कुछ ऐसा ही हुआ सोमवार दोपहर को नजफगढ़ नाले के किनारे जब रील बनाने के चक्कर में एक लड़की नाले के


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    By Azad Hind Desk फरवरी 17, 2026
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    नवीन निश्चल, नई दिल्ली: रील बनाकर व्यूज, लाइक बटोरने के चक्कर में कई बार जानलेवा हादसे हो चुके हैं कई की जन तक जा चुकी है तो कई को किस्मत का साथ मिल गया। कुछ ऐसा ही हुआ सोमवार दोपहर को नजफगढ़ नाले के किनारे जब रील बनाने के चक्कर में एक लड़की नाले के किनारे पहुंच गई। अचानक उनका पैर फिसला और वह पानी में गिर गई। नाले की दूसरी तरफ PCR वैन में ड्यूटी दे रहे पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उनकी आवाज सुन ली और उन्हें बचा लिया।

    पुलिस के अनुसार भावना वालिया (22) नवादा मेट्रो स्टेशन के पास PG में रहती हैं। भावना ने बताया कि सोमवार को वह रील बनाने के चक्कर में नजफगढ़ नाले के किनारे गई थीं। तभी अचानक उनका पैर फिसलगया और वह नाले में गिर गई। जब उनकी बॉडी गर्दन तक पानी में चली गई, तो किसी तरह हिम्मत जुटाकर जोर से आवाज लगाई। तभी नाले की दूसरी तरफ PCR वैन में ड्यूटी दे रहे हेड कॉन्स्टेबल ओमबीर कादयान ने उनकी आवाज सुन ली। नाले में उतरने के लिए वहां कोई सहारा नहीं था।

    ओमबीर के अनुसार, उन्होंने नाले में रस्सा फेंका। फिर खुद सिद्धांत का हाथ पकड़कर नीचे तक पहुंचे और काफी जजहद के बाद भावना को खींचकर नाले से बहर निकालने में कामयाब रहे। हेड कॉन्स्टेबल का कहना है कि अगर कुछ मिनट की और देर हो जाती तो शायद भावना को बचना मुश्किल हो जाता। क्योंकि वह नाले में लगभग डूब चुकी थीं। पीसीआर से सूचना मिलने के बाद नजफगढ़ थाने से जांच अधिकारी प्रशांत गुलिया भी मौके पर पहुंचे। छानबीन पूछताछ के बाद उसे पीजी वापस भेज दिया गया।

    कोई नहीं दिखा तो करती रहीं इंतजार

    शिवाजी कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रही भावना को जब नजफगढ़ नाले से रेस्क्यू कर लिया गया तो उन्होंने सबसे पहले दिल्ली पुलिस को शुक्रिया किया। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता नहीं हैं। वह डांसर है और कोरियोग्राफर भी है। भावना का कहना है कि वह दो अलग अलग नेशनल टीवी शो में कोरियोग्राफर के रूप में पार्टिसिपेट भी कर चुकी हैं। सोमवार को रील बनने के लिए वह नवादा के पास नजफगढ़ नाले पर गई थी। तभी फिसलकर गिर गई। धीरे धीरे बॉडी नाले के अंदर जाने लगीं तो समझ में आया कि यह दलदल है। उन्हें लगा अगर हिलूंगी, डुलूंगी तो तुरंत डूब जाऊंगी। इसलिए लगभग 45 मिनट तक वह चुपचाप सीधे खड़ी रहीं और किसी को आसपास देखकर आवाज लगाने का इंतजार करने लगीं। लेकिन सुनसान नाले के आसपास कोई नजर नहीं आ रहा था। जब लगा कि अब बॉडी गर्दन तक अंदर चली गई और बचना मुश्किल होगा, तो हिम्मत करके आवाज लगई और वह कामयाब रहीं।

    लंच छोड़कर लड़की को बचाने भागे

    नाले की दूसरी तरफ पीसीआर में तैनात पुलिसकर्मी वहां पहुंचे तो देखा कि नाले में दूर किसी का सिर्फ हाथ दिखाई दे रहा पुलिसकर्मी तुरंत रस्सा लेकर वहां पहुंचे और भावना को बचाया। पुलिसकर्मी ओमबीर और सिद्धांत ने बताया कि एक कॉल से लौटकर वे नजफगढ़ नाले के पास पहुंचे थे। गाड़ी में लंच करना शुरू ही किया था कि अचानक नाले की तरफ से आवाज आई। बचाओ बचाओ। हम दोनों तुरंत नाले की तरफ गए। उन्होंने एक दूसरे का हाथ पकड़ा और नीचे नाले में रस्सा फेंककर लड़की को बचाने में जुट गए। एक दो कोशिश में लड़की को रस्सा पकड़वाने में कामयाब हो गए।

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