आर. माधवन ने सोशल मीडिया पर बताया कि UAE सरकार ने होटलों को निर्देश दिया है कि वे उन मेहमानों को फ्री में रुकने दें, जो अचानक एयरस्पेस बंद होने की वजह से कहीं नहीं जा पा रहे हैं। एक्टर ने इंस्टाग्राम पर स्टोरी पर उन न्यूज रिपोर्ट्स को भी शेयर किया है, जिसमें लोगों से घरों के अंदर सुरक्षित रहने की अपील की गई है।
होटल मैनेजरों को जारी किया गया सर्कुलर
‘गल्फ न्यूज’ के मुताबिक, अबू धाबी डिपार्टमेंट ऑफ कल्चर एंड टूरिज्म ने 28 फरवरी को एक सर्कुलर जारी किया। इसमें होटल जनरल मैनेजरों को प्रभावित यात्रियों को फ्री में रुकने का समय देने का निर्देश दिया गया है। इसमें बताया गया है कि राज्य इन हालात में अपने यहां फंसे यात्रियों की होस्टिंग और उनके रहने का खर्च उठाएगा।
20,000 से ज्यादा यात्रियों के लिए रहने, खाने की व्यवस्था
अधिकारियों ने यह भी बताया कि एयरपोर्ट और नेशनल एयरलाइंस ने 20,000 से ज्यादा यात्रियों के लिए तत्काल रहने की जगह, खाना और नाश्ते का इंतजाम किया है। एयरस्पेस खुलने और विमानों की आवाजाही फिर से शुरू होने पर यात्रियों को रीबुकिंग प्रोसेस में मदद करने की कोशिशें चल रही हैं।
आर माधवन बोले- मैं और मेरा परिवार अभी US में ही रहेंगे
इससे पहले, ‘बॉलीवुड हंगामा’ के साथ एक इंटरव्यू में आर. माधवन ने कन्फर्म किया था कि दुबई में नहीं हैं। युद्ध के हालात में फैंस सोशल मीडिया पर लगातार उनको लेकर चिंता जाहिर कर रहे थे। माधवन ने बताया कि वह और उनका परिवार अमेरिका में है और हालात ठीक होने तक वहीं रहेंगे।
दुबई में फंसे हुए ये भारतीय सेलेब्स
तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थाला अजित कुमार से लेकर बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा गुप्ता, सोनल चौहान, तेलुगू एक्टर विष्णु मांचू, ‘बिग बॉस’ फेम मान्या सिंह और बंगाली एक्ट्रेस सुभाश्री गांगुली भी अपने बेटे के साथ दुबई में हैं। ये सेलेब्स लगातार सोशल मीडिया पर वहां के हालात और अपनी सलामती को लेकर फैंस को अपडेट दे रहे हैं। इनमें से कुछ डरे हुए भी हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द हालात ठीक होंगे और वो भारत वापस लौट पाएंगे।
जावेद अख्तर ने ट्रंप और नेतन्याहू को जमकर कोसा
बॉलीवुड के दिग्गज गीतकार जावेद अख्तर ने इस वैश्विक अशांति पर दो टूक राय दी है। उन्होंने X पर लिखा, ‘मेरे ख्याल से इस बार ट्रंप और इजरायल ने अपनी सारी हदें पार कर दी हैं। अगर उन्हें ऐसा करने के लिए माफ किया गया और ईरान के साथ इराक जैसा बर्ताव करने के लिए थोड़ी और छूट दी गई, तो चीन पर से दुनिया में भरोसा उठ जाएगा। नेतन्याहू और ट्रंप जैसे धौंस जमाने वाले दूसरों को मजबूर कर रहे हैं कि वे मजबूरन जवाब दें। इन्होंने दूसरों के पास दूसरा कोई चारा नहीं छोड़ा है।’
ममूटी ने कहा- मैं चाहता हूं इंसानियत जीते
मलयालम सिनेमा के आइकन ममूटी ने भी एक पब्लिक अपीयरेंस के दौरान इस लड़ाई पर अपनी राय दी। उन्होंने कहा, ‘सिनेमा में भी बहस, तर्क और यहां तक कि जंग भी हुई है। कभी-कभी कुछ लोग जीतते हैं, और कभी-कभी दोनों तरफ के लोग हार जाते हैं। अभी भी जंग चल रही है। मुझे नहीं पता कि कौन जीतेगा, लेकिन मैं चाहता हूं कि इंसानियत जीते।’














