• International
  • नमाज पढ़ने निकले थे और लाश घर लौटी, शेख हसीना की अवामी लीग के लिए जहन्नुम बना बांग्लादेश, 2 नेताओं की मौत से कटघरे में यूनुस

    ढाका: बांग्लादेश में शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग दो नेताओं की अलग-अलग शहरों मे मौत हुई है। एक की मौत जेल में न्यायिक हिरासत में हुई है तो वहीं एक छात्र नेता की अगवा कर हत्या की गई है। इन दोनों घटनाओं से मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर राजनीतिक दमन और लक्षित हिंसा


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 1, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    ढाका: बांग्लादेश में शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग दो नेताओं की अलग-अलग शहरों मे मौत हुई है। एक की मौत जेल में न्यायिक हिरासत में हुई है तो वहीं एक छात्र नेता की अगवा कर हत्या की गई है। इन दोनों घटनाओं से मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर राजनीतिक दमन और लक्षित हिंसा के आरोप एक बार फिर तेज हो गए हैं। ये घटनाएं चटगांव और नरसिंदी जिलों में हुईं, जिनके बारे में पार्टी सूत्रों और मृतकों के परिजनों ने जानकारी दी है।

    चटगांव में अवामी लीग के वरिष्ठ नेता और चटगांव सिटी अवामी लीग की वार्ड नंबर-24 (नॉर्थ अग्राबाद) इकाई के उपाध्यक्ष अब्दुर रहमान मिया (70) की जेल में मौत हो गई। उन्हें करीब तीन महीने पहले हिरासत में लिया गया था। परिवार के सदस्यों का आरोप है कि फेफड़ों के कैंसर और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद उन्हें जमानत और इलाज से वंचित रखा गया।

    नमाज पढ़ने जाते वक्त गिरफ्तारी

    बांग्लादेश के प्रमुख मीडिया आउटलेट ‘द डेली रिपब्लिक’ के अनुसार, अब्दुर रहमान मिया को 17 नवंबर 2025 को उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वे नमाज अदा करने के लिए घर से निकल रहे थे। परिजनों का कहना है कि उस समय उनकी हालत बेहद गंभीर थी और वे ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे।

    पुलिस ने उन्हें कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले में हिरासत में लिया था, जिसमें कथित तौर पर विस्फोटकों से जुड़ा आरोप शामिल था। परिवार का आरोप है कि गिरफ्तारी के समय मिया को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जरूरत थी, लेकिन उनकी अपीलों को नजरअंदाज कर दिया गया।

    जेल में नहीं दिया गया इलाज

    करीब तीन महीने तक हिरासत में रहने के दौरान उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई और उनकी जेल में मौत हो गई। अवामी लीग नेताओं ने आरोप लगाया कि जमानत और चिकित्सा सुविधा ना देना हिरासत में लापरवाही का मामला है। अब तक अधिकारियों की ओर से उनकी मौत की परिस्थितियों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

    एक दूसरी घटना नरसिंदी जिले में हुई है। यहां अवामी लीग की छात्र इकाई छत्र लीग के पूर्व नेता अजीमुल कादेर भुइयां (45) का क्षत-विक्षत शव खाई से बरामद किया गया। वे पिछले तीन दिनों से लापता थे। अजीमुल पेशे से पोल्ट्री व्यवसायी थे और बेलाबो उपजिला के बाजनाब यूनियन स्थित बीर बागबेर गांव के निवासी थे। वे दिवंगत मन्नान भुइयां के पुत्र थे।

    जमात-ए-इस्लामी पर शक

    अजीमुल यूनियन छत्र लीग के महासचिव और उपजिला इकाई के संयुक्त महासचिव रह चुके थे। उन्हें जमीनी स्तर का संगठनकर्ता माना जाता था ना कि कोई बड़ा राजनीतिक चेहरा। उनके लापता होने और फिर हत्या की खबर से अवामी लीग समर्थकों में भारी आक्रोश है। पार्टी का आरोप है कि यह हत्या राजनीतिक रूप से प्रेरित थी।

    अवामी लीग नेताओं ने दावा किया कि इस हत्या में जमात-ए-इस्लामी से जुड़े कार्यकर्ताओं की भूमिका हो सकती है। उन्होंने अंतरिम प्रशासन पर दोषियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। हालांकि कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने अभी किसी राजनीतिक साजिश की पुष्टि नहीं की है और कहा है कि मामले की जांच जारी है।

    अवामी लीग की बढ़ रही चिंता

    इन दोनों मौतों के बाद सरकार बदलने के बाद से अवामी लीग समर्थकों के खिलाफ कथित मनमानी गिरफ्तारियों, हिरासत में मौतों और लक्षित हमलों को लेकर विपक्ष द्वारा उठाई जा रही चिंताएं और गहरी हो गई हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने भी दोनों मामलों में स्वतंत्र जांच की मांग की है, ताकि जवाबदेही तय हो सके और कानून के शासन को सुनिश्चित किया जा सके।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।