1 जनवरी, 2026 को सिर्फ विनोद का ही कत्ल नहीं हुआ बल्कि इंसानियत और भरोसे की भी हत्या कर दी गई। कर्नाटक के दक्षिण बेंगलुरु में एक शख्स की हत्या की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई। लापता होने के 16 दिनों के बाद एक कुएं से विनोद की लाश मिलने के बाद अब खुलासा हुआ है कि उसे उसके दोस्तों ने ही मार डाला था। वो भी सिर्फ इसलिए क्योंकि उसे चोट लगी थी और उन्हें लगा कि इसका इलाज कराना पड़ेगा।
आखिर क्या हुआ था
दिहाड़ी मजदूरी करने वाले विनोद की दोस्त अपने से उम्र में कम सुदीप और प्रज्जवल (दोनों 19 साल) के साथ थी। सुदीप एक निर्माण श्रमिक है तो प्रज्जवल कार ड्राइवर। 1 जनवरी को तीनों पार्टी करने के लिए एक खेत में पहुंच गए। तीनों ने जमकर जाम छलकाए। दोनों आरोपियों में से एक ने पेड़ से ताजा नारियल तोड़कर शराब में नारियल पानी मिलाकर पीने की इच्छा जताई। उन्होंने विनोद को इस काम को करने के लिए राजी कर लिया।
30 फुट की ऊंचाई से पेड़ से गिरा विनोद
विनोद भी नशे की हालत में ही पेड़ पर चढ़ गया। लेकिन नारियल तोड़ने के बजाय वो 30 फीट की ऊंचाई से जमीन पर आ गिरा। उसकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लग गई। विनोद दर्द से कराह रहा था। पुलिस के मुताबिक यह सब देखकर उसके दोस्त घबरा गए। पहले तो उन्होंने विनोद को उसके घर पहुंचाने का फैसला किया, लेकिन फिर वे इस बात से डर गए कि कहीं गांव वाले सारा दोष उन्हीं के सिर न मढ़ दें और इलाज का खर्चा न मांगने लगे। उसके इलाज में लाखों का खर्च आ सकता है, अगर उन्हें भरना पड़ा तो कैसे करेंगे।
झील में डुबोकर मार डाला, फिर कुएं में फेंका
इन सबसे बचने के लिए दोनों ने विनोद को पास की एक झील में डुबोकर मार डाला। इसके बाद वे शाम में लौटे और शव को वहां से निकाला। तार से उसके शरीर पर पत्थर बांधा और कुएं में फेंक दिया। इसके बाद वहां से फरार हो गए। विनोद जब कई दिनों तक घर नहीं लौटा तो उसके दादा ने लापता की शिकायत दर्ज कराई। उसके माता-पिता को लगा कि वो शहर में कहीं घूम रहा होगा। गांववालों को 17 जनवरी को कुएं से विनोद की लाश मिली। विनोद को आखिरी बार सुदीप और प्रज्जवल के साथ ही देखा गया था तो उनसे पूछताछ शुरू हुई। इसके बाद दोनों ने पूरी कहानी उगल दी।














