जनरल चौहान ने कहा कि नेताजी एक बेहतरीन सैन्य नेता थे। उन्होंने यह भी कहा कि INA (इंडियन नेशनल आर्मी) की उपलब्धियों का भारत की आजादी में जो योगदान है, उसे अभी पूरी तरह से समझा नहीं गया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर क्या बोले सीडीएस?
सीडीएस अनिल चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मतलब अब सिर्फ जमीन की रक्षा नहीं है, बल्कि देश की जनता और उसकी विचारधारा की सुरक्षा भी है। उन्होंने यह भी बताया कि INA (इंडियन नेशनल आर्मी) ने सबसे ज्यादा नुकसान झेला था, जो किसी भी सेना के लिए सबसे ज्यादा था। जनरल चौहान ने कहा कि उन्होंने एक मध्य-स्तर के अधिकारी के तौर पर जो सैन्य इतिहास पढ़ा था, वह अंग्रेजों ने लिखा था। उन्होंने INA को एकता और विविधता का प्रतीक बताया, क्योंकि यह संगठन क्षेत्र, जाति, धर्म या लिंग से ऊपर था।
राष्ट्रीय सुरक्षा को सीडीएस ने ऐसे समझाया
जनरल अनिल चौहान ने कहा, ‘मैंने अपनी किताब में राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में लिखा है और मैंने राष्ट्रीय सुरक्षा को तीन संकेंद्रित वृत्तों के रूप में देखा है। सबसे बाहरी वृत्त समस्या को संबोधित करता है, आप राष्ट्र को कैसे सुरक्षित रखते हैं? इसका एक उपसमूह मध्य वृत्त है, जो खुद को समस्या के साथ पहचानता है, आप अपने राष्ट्र की रक्षा कैसे करते हैं? और इसके अंदर का आंतरिक कोर, इसके अंदर का सबसे छोटा वृत्त, एक राष्ट्र की सैन्य तैयारी के बारे में है… ये संकेंद्रित वृत्त जिनके बारे में मैंने बात की है, वे निर्बाध रूप से काम करते हैं और एक-दूसरे के साथ बातचीत करते हैं…’














