चूंकि पुरानी कारों को इलेक्ट्रिक में बदलने वाली तकनीक में 2-3 लाख तक खर्च आता है, इसलिए सरकार पहली 1000 पुरानी कारों को EV में बदलने पर इंसेंटिव देने का प्रस्ताव लाई है। सरकार रेट्रोफिटिंग में R&D पर निवेश कर सकती है, जिससे पुरानी कारों को हटाने के बजाय उनकी रेट्रोफिटिंग हो सके।
सरकार EV की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए ई-गाड़ी के कर्ज पर भी 5% तक सब्सिडी दे सकती है। इलेक्ट्रिक गाड़ियां अभी महंगी है। ऑटो लोन महंगा होता है। इस वजह से बड़ा वर्ग इलेक्ट्रिक कारों की खरीद से दूरी बनाता है। इसलिए सरकार ईवी बनाने वाली कंपनियों के सुझाव पर लोन पर भी सब्सिडी दे सकती है।
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सस्ती EV पर ही सब्सिडी पर विचार
दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक कार खरीद में मिडल क्लास को फायदा देना चाहती है इसलिए सरकार 25 लाख से कम कीमत वाली ईवी पर ही सब्सिडी देने का विचार कर रही है। यह अधिकतम डेढ़ लाख तक हो सकती है। सब्सिडी पहली 25 हजार कारों को ही मिलेगी। सरकार का मानना है, जो 25 लाख या उससे महंगी कार खरीद सकते हैं, उन्हें सब्सिडी की जरूरत नहीं है।
बाइकों पर ₹30 हजार तक सब्सिडी देने का प्रस्ताव
जरूरतमंदों को ही सब्सिडी का लाभ देने की तैयारी है। एक लाख दुपहिया वाहनों को 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी देने का प्रस्ताव है। परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने बीते दिनों ई-वीकल पॉलिसी पर अलग-अलग स्टेकहोल्डर के साथ बैठक कर इन प्रस्तावों पर चर्चा की है। सूत्रों की माने तो अगले सप्ताह खुद सीएम ईवी पॉलिसी 2.0 को लेकर समीक्षा बैठक करेगी।













