प्रियंका ने जय शेट्टी के पॉडकास्ट अपने कठिन समय को याद किया। उन्होंने बताया कि वो बिल्कुल उस समय टूट गई थीं। उन्होंने बताया कि उस वक्त वो अपने घर में फायरप्लेस के सामने कम से कम 9 घंटे लगातार बैठी रह गईं थीं। प्रियंका ने उन दिनों को याद करते हुए कहा- तब मेरा महामृत्युंजय मंत्र, मेरा गायत्री मंत्र, मेरा ओम नमः शिव मंत्र बजता रहता था।
समय से पहले जन्म की वजह से वो दौर काफी मुश्किल
प्रियंका चोपड़ा जनवरी 2022 में मां बनी और सरोगेसी से उन्हें बेटी मालती हुई। हालांकि, ये पल खुशियों से अधिक तकलीफदेह हो गया था। प्रियंका ने बताया कि बेटी के समय से पहले जन्म की वजह से वो दौर काफी मुश्किल हो गया था। हाल ही में एक पॉडकास्ट में, प्रियंका ने निक और अपने हाल पर बातें कीं जब बेटी एनआईसीयू में रखी गई।
‘वो एक चमत्कारिक बच्ची है’
प्रियंका ने इसे अपने जीवन के सबसे कठिन दौर बताया और ये भी बताया कि इस मुश्किल वक्त से लड़ने के लिए उन्होंने क्या किया। मालती के समय से पहले जन्म पर बातें करते हुए प्रियंका ने हाल ही में जय शेट्टी के पॉडकास्ट पर बातें कीं। उन्होंने कहा, ‘ये सब बहुत कठिन था क्योंकि मालती तक पहुंचने का हमारा सफर ही अपने आपमें मुश्किल भरा था। मुझे नहीं पता कि मैं इसके बारे में बात करने के लिए तैयार हूं या नहीं, लेकिन यह मेरे लिए बहुत कठिन था। वो एक चमत्कारिक बच्ची है क्योंकि उस समय बच्चा पाने की मेरी एकमात्र उम्मीद वही थी।’
‘अपने घर में फायरप्लेस के सामने कम से कम 9 घंटे बैठी रही’
जब प्रियंका को मालती के समय से पहले जन्म के बारे में पता चला तो वो घबरा गई थीं। उस पल को याद करते हुए उन्होंने कहा , ‘जब हमें बताया गया कि वह 27 सप्ताह में ही जन्म लेने वाली है तो मैं एकदम टूट गई। मुझे याद है कि मैं अपने घर में फायरप्लेस के सामने कम से कम 9 घंटे बैठी रही। हमेशा मुश्किल हालात में सल्यूशन ढूंढने वाली इंसान होने के बावजूद, मेरे दिमाग में कोई विचार नहीं था। निक कहीं गया था और वह वापस आया, उसने मुझे पकड़ा और हम गाड़ी से अस्पताल चले गए।’
‘यह कोविड का दौर था और बेटी NICU में
मालती के जन्म पर बातें करते हुए प्रियंका ने कहा, ‘यह कोविड का दौर था और जिस स्थिति में उसका जन्म हुआ, वह हम सभी के लिए बेहद तनावपूर्ण था। यह सचमुच बहुत मुश्किल समय था। उसका रंग बैंगनी पड़ गया था। एनआईसीयू नर्सों की छोटी उंगलियां भी उसके मुंह के लिए बहुत बड़ी थीं। जिस तरह से उन्होंने उसे इंट्यूबेट किया था,,, वो झलक मुझे आज भी याद है। शुक्र है कि हमारी सरोगेट मां के साथ सब ठीक था, इसलिए हम अपनी सारी एनर्जी मालती पर फोकस कर सके थे।’
‘ पहली बार जब वह रोई तो बिल्कुल बिल्ली की तरह’
प्रियंका ने इसी बातचीत में आगे कहा, ‘ मैं बिल्कुल सुन्न हो गई थी और समझ नहीं आ रहा था कि करूं क्या।’ प्रियंका ने एनआईसीयू को लेकर बात करते हुए कहा कि एक समय में हममें से किसी एक को ही जाने की अनुमति थी,और पहली बार जब वह रोई तो बिल्कुल बिल्ली की तरह, बस इतना ही। उन्होंने कहा, ‘मेरी मां और ससुराल वाले आ गए थे, लेकिन हम अस्पताल में ही थे। यह मेरे लिए पर्सनली बहुत ही दर्दनाक समय था।’
बेटी के जन्म की खबर देने के लिए नहीं थे तैयार
वहीं बेटी के जन्म की खबर देने को लेकर दवाब पर भी बातें कीं। उन्होंने कहा, ‘मुझे याद है कि खबर लीक हो गई थी और हमें एक मेसेज मिला था जिसमें लिखा था कि अखबारों में उसके जन्म की खबर छपने वाली है, अगर हम नहीं छापेंगे तो तीन घंटे में छप जाएगी। इसलिए हमें एक तरह से उसके जन्म की घोषणा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। हम इसे अपने तरीके से बताना चाहते थे, हम तब इसके लिए तैयार नहीं थे क्योंकि हमें नहीं पता था कि उसके साथ क्या होगा या वह कैसी होगी।’
मालती 110 दिन तक NICU में रही
प्रियंका ने बताया कि मालती करीब 3 महीने यानी लगभग 110 दिन हॉस्पिटल में ही रही। उन्होंने कहा, ‘हम हर दिन अस्पताल में थे। हम बारी-बारी से उसके पास जाते थे ताकि वह हमारे सम्पर्क में रह सके।’ उन्होंने बताया कि स्किन को टच करने के लिए डॉक्टरों की सलाह का पालन किया, जबकि निक अपनी बेटी के लिए गीत गाया करते थे। वहां वो पीछे बैठकर धीरे-धीरे मंत्र सुनती थीं।
‘मेरे पास एक छोटा सा आईपॉड था जिसमें मेरे सारे मंत्र बजते थे’
उन्होंने कहा, ‘निक उसे गिटार पर गाना सुनाता था। मेरे पास एक छोटा सा आईपॉड था जिसमें मेरे सारे मंत्र बजते थे, मेरा महामृत्युंजय मंत्र, मेरा गायत्री मंत्र, मेरा ओम नमः शिव मंत्र। ये सब दिन भर उसके पालने में धीरे-धीरे बजते रहते थे।’ मालती का मेडिकल सफर बहुत कठिन था। उसे करीब छह बार खून चढ़ाना पड़ा।’













