फिल्म के ट्रेलर रिलीज के साथ ही इसे लेकर काफी लोगों का गुस्सा भी दिखने लगा है। कई लोग इसे एक प्रोपेगैंडा मूवी बता रहे हैं। फिलहाल फिल्म का प्रचार जोर-शोर से चल रहा है और हाल ही में ‘द केरल स्टोरी 2’ के प्रमोशन के लिए प्रड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह और निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह राजधानी में मौजूद थे।
जितनी भी पीड़िता थीं वो देश के अलग-अलग राज्यों से थीं
सोशल मीडिया पर दिल्ली में आयोजित इवेंट का वीडियो चर्चा में है। इस वीडियो में विपुल अमृतलाल शाह और निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह सवालों के घेरे में हैं। बता दें कि फिल्ममेकर्स ने 30 महिलाओं को पेश किया, जिनके बारे में उनका दावा था कि उन्हें जबरन धर्म परिवर्तन का सामना करना पड़ा था। हालांकि, बताया जा रहा है कि यहां जितनी भी पीड़िता थीं वो देश के अलग-अलग राज्यों से थीं, लेकिन केरल से कोई नहीं थी।
राजस्थान, उदयपुर, जम्मू, महाराष्ट्र, भोपाल, झारखंड जैसे राज्यों से
वीडियो को शेयर कर कहा गया है, ‘ये महिलाएं बंगाल, बिहार, राजस्थान, उदयपुर, जम्मू, महाराष्ट्र, भोपाल, झारखंड, फरीदाबाद, मेरठ, दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और इंदौर से थीं। इनमें से एक भी पीड़िता केरल से नहीं थी और फिल्म का नाम द केरल स्टोरी है।’
वीडियो में मेकर्स से सवाल किया जा रहा
सोशल मीडिया पर नजर आ रहे इस वीडियो में मेकर्स से सवाल किया जा रहा है कि, ‘आपने फिल्म का नाम केरल स्टोरी दिया है लेकिन वहां पर कोई केरल का विक्टिम नहीं था।’ मीडिया ने कहा- महाराष्ट्र या अलग स्टेट के थे लेकिन केरल से नहीं था कोई। विपुल शाह कहते हैं, ‘केरल स्टोरी 1 के वक्त जिन लोगों का कहा उनका वीडियो आज भी यूट्यूब पर है, आज हम उनको ले आते तो आप कहते कि आप उन्हीं लोगों को वापस ले आए।’
निर्देशक बोले- केरल से लेकर पूरे भारत में इसे स्थिति
इसपर उनसे सवाल किया जाता है, ‘केरल एक सबसे अधिक पढ़ा-लिखा स्टेट है, वहां इतने बड़े-बड़े पोस्ट पर महिलाएं हैं और पर्टिक्युलर यही चीज लेकर सामने आए।’ एक ने कहा- क्या केरल में ही होता है ये सब? निर्देशक ने कहा, ‘नहीं, इसका संबंध केरल से भी है। केरल से लेकर पूरे भारत में इसकी स्थिति तक।’
विधानसभा में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने एक रिपोर्ट पेश की थी
फिल्म से केरल की छवि खराब करने को लेकर उठे सवाल पर विपुल ने दृढ़ता से जवाब देते हुए कहा, ‘मैं आपसे एक सीधा और सरल सवाल पूछता हूँ। विधानसभा में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने एक रिपोर्ट पेश की थी। अगर आप अपने राज्य की समस्या को अनदेखा करते रहेंगे, जो कि एक शानदार राज्य है, तो आप राज्य को बर्बाद कर रहे हैं। इसके लिए आप जिम्मेदार हैं, हम नहीं। आप यह स्वीकार नहीं करना चाहते कि कोई समस्या है।’
अनुराग कश्यप और प्रकाश राज के उस कॉमेंट पर जवाब देने से बचते दिखे
मेकर ने कहा, ‘पहली बार जब हमने कहानी बनाई तो लोगों ने कहा कि ये सिर्फ केरल की कहानी है। हमको ये बताना था कि ये सिर्फ केरल में नहीं हो रहा है, ये पूरे देश में हो रहा है।’ हालांकि, इस दौरान लगातार उनसे यही सवाल होता रहा है कि उन्होंने यहां बाकी स्टेट की पीड़िता को प्रड्यूस किया है जिनमें केरल से कोई नहीं। इन सबके अलावा डायरेक्टर अनुराग कश्यप और प्रकाश राज के उस कॉमेंट पर जवाब देने से बचते दिखे जिन्होंने इस फिल्म को प्रोपेगैंडा बताया है।
लोगों ने भी किए कॉमेंट
वीडियो पर लोग तरह-तरह के कॉमेंट कर रहे हैं। एक ने कहा., ‘उन्होंने इसे केरल की कहानी क्यों नाम दिया? अगर ये घटनाएं हमारे देश में हो रही हैं तो सरकार को इन पर ध्यान देना चाहिए और इनका समाधान करना चाहिए। ये दुष्प्रचार करने वाले लोग सिर्फ अपनी घटिया कहानियां बेचकर पैसा कमाना चाहते हैं।’
फिल्म के खिलाफ याचिका
बताया जा रहा है कि फिल्म के खिलाफ केरल हाई कोर्ट में दाखिल की गई है जिसमें आरोप लगाया गया है कि फिल्म के टीजर और ट्रेलर में केरल के लोगों को गलत तरीके से दिखाया गया है। याचिका में राज्य की छवि खराब करने से लेकर सांप्रदायिक-सामाजिक तनाव बढ़ने तक की बातें कही गई हैं।
7 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज
तनावपूर्ण और तीखी बहस के बावजूद फिल्म मेकर्स ने दोहराया कि उनकी फिल्म किसी विशेष राज्य को निशाना बनाने के बजाय एक बड़े नैशनल मुद्दे को उजागर करना चाहती है। ‘द केरल स्टोरी 2’ इसी महीने 27 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।













