आउट होने का डर दिमाग से निकालो
इस प्रदर्शन के बाद पूर्व भारतीय हेड कोच रवि शास्त्री ने बाबर को अपनी ‘मानसिक बेड़ियों’ से आजाद होने और आक्रामक फॉर्म वापस पाने के लिए एक सीधा मंत्र दिया है। रवि शास्त्री का मानना है कि बाबर आजम इस समय अपनी साख और इमेज के कारण दबाव में हैं। रिकी पोंटिंग और संजना गणेशन के साथ ‘द आईसीसी रिव्यू’ में बात करते हुए शास्त्री ने कहा, ‘जब आप करियर के इस पड़ाव पर होते हैं, तो आपके साथ पिछली यादें जुड़ी होती हैं। वहां उम्मीदों का बोझ होता है और लोग आपसे हर मैच में प्रदर्शन की उम्मीद करते हैं।’ शास्त्री ने सुझाव दिया कि बाबर को अपनी पारी की शुरुआत में ही इस दबाव को खत्म करना होगा और आउट होने के डर से ऊपर उठना होगा।
पहली 5 गेंदों पर ऐसे करें अटैक
बाबर को आक्रामक रुख अपनाने की सलाह देते हुए शास्त्री ने स्पष्ट कहा कि उन्हें पहली ही गेंद से प्रभाव डालना चाहिए। शास्त्री ने जोर देते हुए कहा, ‘मैदान पर उतरें और अपनी पहली पांच गेंदों में—मुझे फर्क नहीं पड़ता कि आप आउट हो जाते हैं, लेकिन मैं चाहता हूं कि आप कुछ बाउंड्री लगाने का प्रयास करें। अपना स्पॉट चुनें, सही पोजीशन में आएं और गेंदबाज की चाल को भांपें। इससे आप बहुत बेहतर महसूस करेंगे और चीजें बदल सकती हैं।’ उनके अनुसार, टी20 फॉर्मेट में मध्य ओवरों के दौरान अधिक समय बर्बाद करना टीम के लिए घातक हो सकता है।
हालांकि, शास्त्री ने बाबर की काबिलियत का बचाव भी किया और उन्हें एक शानदार खिलाड़ी बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि 11 फरवरी को अमेरिका के खिलाफ होने वाले अगले मैच में बाबर वापसी करेंगे। शास्त्री ने अंत में कहा, ‘वह एक क्वालिटी खिलाड़ी हैं और हम जानते हैं कि उनके पास परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने का अनुभव है। लेकिन उन्हें यह बदलाव जल्दी करना होगा, क्योंकि टी20 क्रिकेट में आप क्रीज पर इतना समय नहीं ले सकते जब तक कि हालात पूरी तरह गेंदबाजों के पक्ष में न हों।’














