रिपोर्ट को लेकर क्या बोले डेविड एबी
कनाडाई प्रांत ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी ने कहा कि यह तीन पेज का ब्रीफिंग नोट निकला, और जिस पैराग्राफ का जिक्र शुरुआती रिपोर्ट में किया गया था, वह अक्टूबर 2024 के समय के पब्लिकली मौजूद न्यूज आर्टिकल्स की समरी थी। ऐसे आरोप जिनके बारे में हमें पता था और जिनकी उस समय पूरी तरह से जांच की गई थी। इसमें अल-जजीरा जैसे न्यूज आउटलेट्स का जिक्र था। उन्होंने कहा कि वह वीडियो लिंक के जरिए कैनेडियन मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह RCMP की इंटेलिजेंस रिपोर्ट नहीं थी। डेविड एबी अभी भारत में ट्रेड मिशन पर हैं।
कनाडा सरकार से ली ब्रीफिंग
एबी ने कहा कि रिपोर्ट सामने आने के बाद उनका डेलिगेशन ‘बहुत अधिक चिंतित’ था और जब तक उन्हें ‘पूरा डॉक्यूमेंट’ नहीं मिल गया, तब तक उन्होंने भारत में ‘मीटिंग्स लगभग कैंसिल कर दी थीं। इस घटनाक्रम पर अपनी निराशा जाहिर करते हुए, एबी ने कहा कि भारत में ट्रेड मिशन पर आने से पहले वे ‘बहुत अधिक सावधान’ थे। एबी ने बताया कि उन्होंने कनाडा के नेशनल डिफेंस मिनिस्ट्री, कैनेडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस से ब्रीफिंग ली थी। दोनों देशों के बीच संबंधों की मौजूदा स्थिति को समझने के लिए फेडरल गवर्नमेंट के साथ कई बार बातचीत की थी।
बिश्नोई गैंग से जुड़ी रिपोर्ट में क्या था?
ग्लोबल न्यूज़ आउटलेट में यह रिपोर्ट 12 जनवरी को एबे के भारत मिशन शुरू करने के एक दिन बाद छपी थी। इसकी हेडलाइन थी, ‘RCMP रिपोर्ट कहती है कि बिश्नोई गैंग ‘भारत सरकार की ओर से’ काम कर रहा है। हालांकि, रिपोर्ट में रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस या RCMP के एक असेसमेंट का हवाला देते हुए कहा गया था कि गैंग ‘कथित तौर पर भारत सरकार की ओर से काम कर रहा था। एक फॉलो-अप में, आउटलेट ने कहा कि पब्लिक सेफ्टी कनाडा की तरफ से बिश्नोई गैंग को एक आतंकी संगठन के तौर पर लिस्ट करने में भारत से किसी कनेक्शन का कोई जिक्र नहीं था।














