इन अनसुने नायकों में राजस्थान के तागा राम भील शामिल हैं, जिन्होंने वहां के लोक वाद्य यंत्र ‘अल्गोजा’ को फिर से जीवित किया है। मेघालय की पर्यावरणविद् हैली वार भी पद्म पुरस्कार विजेताओं की लिस्ट में शामिल हैं। अमेरिका में रहने वाले पूर्व भारतीय टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज भी विदेशी/एनआरआई/पीआईओ/ओसीआई श्रेणी में पद्म भूषण पाने वालों में से हैं।
महाराष्ट्र से सबसे अधिक 15 लोगों का चयन
महाराष्ट्र से सबसे ज्यादा 15 लोग इस बार पद्म पुरस्कारों के लिए चुने गए हैं। इनमें एक्टर धर्मेंद्र (मरणोपरांत) और आर. माधवन जैसे नाम शामिल हैं। इसके बाद तमिलनाडु से 13, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से 11-11 लोग चुने गए हैं। कर्नाटक और केरल से 8-8 लोग पुरस्कार पाने वालों में हैं। इसमें एसएनडीपी के पदाधिकारी वेल्लापल्ली भी शामिल हैं।
यह ध्यान देने वाली बात है कि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केरल में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि सरकार हर साल देश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश करती है। इसी के तहत देशभर के 84 जिलों के लोगों का चयन किया गया है।
पूर्व IPS के विजय कुमार को भी मिला पद्म पुरस्कार
कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन को मारने में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी के. विजय कुमार, एशिया के पहले ह्यूमन मिल्क बैंक की स्थापना करने वाले अरविंद फर्नांडीज, पूर्व प्रसार भारती सीईओ शशि शेखर वेम्पति और हॉकी खिलाड़ी सविता पुनिया भी पद्म पुरस्कार पाने वालों में शामिल हैं। इसके अलावा, बीजेपी के नेता भगत सिंह कोश्यारी और दिवंगत वी.के. मल्होत्रा को भी यह सम्मान मिला है।
- मांड्या (कर्नाटक)
- बैतूल (मध्य प्रदेश)
- परभणी (महाराष्ट्र)
- बागेश्वर (उत्तराखंड)
- रंगारेड्डी (तेलंगाना)
- दक्षिण दिनाजपुर (पश्चिम बंगाल)
- नुआपाड़ा (ओडिशा)
- दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़)
- एलुरु (आंध्र प्रदेश)
- डीग
पूर्व केरल के मुख्यमंत्री अच्युतानंदन और जेएमएम के संस्थापक शिबू सोरेन जैसे अनुभवी नेताओं को भी इस सरकार द्वारा पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इनसे पहले मुलायम सिंह यादव और राम विलास पासवान जैसे गैर-बीजेपी नेताओं को भी यह सम्मान मिल चुका है।
पुरस्कारों के लिए मिले थे 39,000 नामांकन
पद्म श्री पुरस्कार पाने वालों में पूर्व गृह मंत्रालय के अधिकारी आर.वी. मणि भी हैं, जिन्होंने इशरत जहां एनकाउंटर मामले में हलफनामे में बदलाव का विरोध किया था। उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि यूपीए सरकार ने उन पर भगवा आतंकवाद की कहानी गढ़ने के लिए दूसरा हलफनामा साइन करने का दबाव डाला था। सरकार ने बताया कि उन्होंने हर कोने से योग्य लोगों की पहचान करने के लिए काफी मेहनत की। 39,000 से ज्यादा नामांकन मिले थे, जिनकी कई चरणों में जांच और विशेषज्ञों से सलाह के बाद यह सूची तैयार की गई। पुरस्कार पाने वालों में 48 लोग 80 साल से ऊपर के हैं और कई लोग समाज के पिछड़े तबकों से आते हैं।
आर्ट के क्षेत्र में तृप्ति मुखर्जी को मिला पद्म श्री
कला के क्षेत्र में पद्म श्री सम्मान से सम्मानित होने वाली कान्ता सिलाई की कलाकार तृप्ति मुखर्जी ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। उन्होंने कहा, “मैं कई सालों से इसका इंतजार कर रही थी। मैंने यह कढ़ाई अपनी मां से सीखी।”
प्रसिद्ध रेशम उत्पादक जोगेश डेउरी ने कहा कि पद्म श्री मिलना असम और पूर्वोत्तर के प्रसिद्ध एरी सिल्क के लिए एक पहचान है। उन्होंने कहा, ‘एरी हमारे परंपरा और पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है। मैं एरी को वैश्विक मंच पर ले जाना चाहता हूं।’
अरुणाचल विकास परिषद के अध्यक्ष तेची गुबिन, जिन्हें समाज सेवा में योगदान के लिए पद्म श्री मिला है, उन्होंने कहा कि लोगों को समाज की भलाई के लिए निस्वार्थ भाव से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मैं पैसे के लिए काम नहीं करता। मैं जो भी करता हूं वह खुशी लाने के लिए करता हूं। मैं जीवन भर समाज की सेवा करता रहूंगा।’














